आज के समय में जब हर खर्च और बचत का रिकॉर्ड डिजिटल हो चुका है, क्रेडिट कार्ड सिर्फ खरीदारी का साधन नहीं बल्कि आपकी वित्तीय प्रोफाइल का अहम हिस्सा है। कई लोग सोचते हैं कि इस्तेमाल न होने वाले क्रेडिट कार्ड को बंद कर देना सही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा करने से आपके सिबिल स्कोर (CIBIL Score) पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
क्रेडिट कार्ड बंद करने का असर
जब आप किसी क्रेडिट कार्ड को बंद करते हैं, तो आपके पास उपलब्ध कुल क्रेडिट लिमिट कम हो जाती है। इससे आपका क्रेडिट उपयोग अनुपात (Credit Utilization Ratio) बढ़ जाता है। उदाहरण के लिए, अगर आपके पास कुल ₹2 लाख की लिमिट है और आप ₹50,000 खर्च करते हैं, तो आपका उपयोग अनुपात 25% होता है। लेकिन अगर आप एक कार्ड बंद कर दें और लिमिट घटकर ₹1 लाख रह जाए, तो वही खर्च 50% अनुपात दिखाएगा। बैंक और क्रेडिट ब्यूरो इसे जोखिम के रूप में देखते हैं।
- उच्च उपयोग अनुपात: जितना ज्यादा आप अपनी उपलब्ध लिमिट का इस्तेमाल करते हैं, उतना ही आपका स्कोर गिर सकता है।
- क्रेडिट इतिहास छोटा होना: पुराने कार्ड बंद करने से आपका लंबा क्रेडिट इतिहास टूट जाता है, जो स्कोर को कमजोर करता है।
- कम विविधता: अलग-अलग प्रकार के क्रेडिट (जैसे कार्ड, लोन) आपके स्कोर को मजबूत करते हैं। कार्ड बंद करने से यह विविधता घट जाती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर कार्ड पर कोई वार्षिक शुल्क नहीं है, तो उसे बंद करने के बजाय कम इस्तेमाल करें। इससे आपका क्रेडिट इतिहास लंबा रहेगा और लिमिट भी सुरक्षित रहेगी।
- लिमिट का 30% से कम उपयोग करें।
- पुराने कार्ड को सक्रिय रखें।
क्रेडिट कार्ड बंद करना हमेशा सही विकल्प नहीं होता। यह कदम आपकी वित्तीय सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। बेहतर यही है कि आप अपने कार्ड को जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें और समय पर भुगतान करें।
क्रेडिट कार्ड बंद करने से भले ही आपको लगे कि जिम्मेदारी कम हो गई, लेकिन असल में यह आपके सिबिल स्कोर और भविष्य की लोन पात्रता पर भारी पड़ सकता है। इसलिए सोच-समझकर ही यह कदम उठाएं।