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Bhagyashree Scheme: कर्नाटक में बेटियों को मिलती है आर्थिक मदद, सुरक्षित रहेगा भविष्य, जानिए कैसे उठाएं फायदा

Bhagyashree Scheme: कर्नाटक भाग्यश्री योजना की शुरुआत की गई है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन निर्वाह करने वाले परिवार की बेटियों को इस योजना का फायदा मिलता है। बच्चियों के जन्म को बढ़ावा देने और उन्हें शिक्षित बनाने के मकसद से राज्य सरकार की ओर से यह योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत बेटियों के माता-पिता को भी आर्थिक सहायता दी जाती है

Jitendra Singhअपडेटेड Oct 04, 2023 पर 4:42 PM
Bhagyashree Scheme: कर्नाटक में बेटियों को मिलती है आर्थिक मदद, सुरक्षित रहेगा भविष्य, जानिए कैसे उठाएं फायदा
Bhagyashree Scheme: इस योजना के तहत बेटियों को 300 रुपये से 1000 रुपये तक स्कॉलरशिप मिलती है।

Bhagyashree Scheme: देश की बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से कई सरकारी योजनाएं (Sarkari Yojana) चलाई जा रही है। इन योजनाओं के जरिए देश की बेटियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा का खास तौर से ध्यान दिया जाता है। इन सभी योजनाओं में अलग-अलग फायदे मिलते हैं। जिसके तहत बेटियों की पढ़ाई से लेकर शादी (Marriage) तक शामिल है। इसमें अभिभावकों को भी ज्यादा आर्थिक तंगी (Financial Problem) का सामना नहीं करना पड़ता है। ऐसे ही कर्नाटक में बेटियों के लिए भाग्यश्री स्कीम (Bhagyashree Scheme) की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत बेटियों को आर्थिक सहायतe मुहैया कराई जाती है। साथ ही बीमा कवर भी मिलता है।

भाग्यश्री योजना कर्नाटक सरकार की ओर से BPL या गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों के लिए है। इन परिवारों में लड़कियों के जन्म को बढ़ावा देने के मकसद से शुरू किया गया है। इससे परिवार और समाज में बालिकाओं की स्थिति को सुधारने पर जोर दिया जाता है। साथ ही बालिका को आर्थिक सहायता देकर उसकी माता—पिता की भी मदद की जाती है।

भाग्यश्री योजना में इन नियमों का करना होगा पालन

इस योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं बेटियों को मिलेगा। जिनका जन्म 31 मार्च, 2006 के बाद गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों में हुआ है। जन्म प्रमाण पत्र जमा करने पर बच्चे के जन्म के एक साल के भीतर बालिका के जन्म का नामांकन कराना जरूरी है। यह योजना BPL परिवार के सिर्फ 2 बेटियों के लिए लागू की गई है। योजना का फायदा उठाने वाली बालिका बाल श्रमिक नहीं होनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रम के अनुसार बालिकाओं का वैक्सीनेशन भी किया जाना चाहिए। लाभार्थी को 8वीं पास होना चाहिए और उसकी शादी 18 साल की उम्र से पहले नहीं होनी चाहिए।

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