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Card Payments in Flight: फ्लाइट में बिना इंटरनेट के कार्ड से करें पेमेंट, जानिए कैसे होता है यह कमाल

Card Payments in Flight: फ्लाइट में कुछ भी खाने पीने का सामान खरीद सकते हैं। इसके लिए कैश में पेमेंट करते हैं या फिर कार्ड के जरिए पेमेंट करते हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर फ्लाइट में इंटरनेट सुविधा नहीं रहती है। फिर ये कार्ड से पेमेंट कैसे हो जाता है? क्या आपने कभी इस बारे में सोचा है

Edited By: Jitendra Singhअपडेटेड Sep 10, 2023 पर 4:08 PM
Card Payments in Flight: फ्लाइट में बिना इंटरनेट के कार्ड से करें पेमेंट, जानिए कैसे होता है यह कमाल
Card Payments in Flight: फ्लाइट में बिना इंटरनेट के ट्रांजैक्शन के लिए जिस तकनीकी की इस्तेमाल किया जाता है। उसे इन फ्लाइट कॉमर्स (IFC) कहते हैं।

Card Payments in Flight: अगर आप फ्लाइट में बैठे हैं। जोर से भूख लगी है। जेब पैसे भी नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके लिए आपके पास सिर्फ डेबिट या क्रेडिट कार्ड होना चाहिए। इसके जरिए आसामन में भी आसानी से खाने-पीने का सामान खरीद सकते हैं और अपनी भूख मिटा सकते हैं। दरअसल, फ्लाइट में खाने-पीने का सामान आसानी से मिल जाता है। इसके लिए पेमेंट करना पड़ता है। ऐसे में सवाल अब ये उठ रहा है कि आसामन में तो इंटरनेट भी नहीं रहता है। ऐसी स्थिति में आखिर कार्ड के जरिए कैसे पेमेंट होता है?

जब भी हम किसी मॉल या शॉप पर कार्ड से पेमेंट करते हैं और अगर नेटवर्क स्लो हो या न हो तो कार्ड की मशीन नहीं काम करती है। इसका मतलब मशीन बिना नेटवर्क के काम नहीं करती है। वहीं जब भी प्लेन टेकऑफ होता है तो फोन को एयरप्लेन मोड में करना पड़ता है। उसके बाद इंटरनेट से जुड़ा कोई काम नहीं कर सकते हैं।

आसमान में कार्ड के जरिए कैसे होता है पेमेंट?

दरअसल, फ्लाइट में बिना इंटरनेट और वाईफाई के ट्रांजैक्शन के लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। उसे इन-फ्लाइट कॉमर्स (in-flight commerce - IFC) कहते हैं। इसके लिए जो स्वाइप मशीन इस्तेमाल होती हैं। वो मेमोरी बेस्ड होती हैं। मशीन जिस बैंक से प्रोसेस हुई है, वो इनके इस्तेमाल के लिए एक विशेष किस्म के कोड भी जनरेट करते हैं। जिन्हें मर्चेन्ट कैटेगरी कोड (MCC) कहते हैं। आसान भाषा में कहा जाए तो अगर आप एयरपोर्ट पर ड्यूटी फ्री से कोई सामान खरीदते हैं तो उसके लिए अलग और गेमिंग या कोई और मिसलेनियस सामान के लिए अलग कोड जेनरेट किया जाता है। ऐसा करने की वजह होती है कि मशीन को सिर्फ फ्लाइट में ही इस्तेमाल किया जाए।

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