Milk Price Hike: कर्नाटक सरकार ने आम आदमी को महंगाई का झटका देने की तैयारी कर दी है। अब वहां दूध के दाम गर्म होने वाले हैं। राज्य सरकार ने नंदिनी दूध (Nandini milk) के दाम में 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। बढ़े हुए ये दाम 1 अगस्त 2023 से लागू होंगे। सरकार की ओर से यह फैसला राज्य के सीएम सिद्धारमैया, सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना, कर्नाटक मिल्क फेडरनेशन, जिला दुग्ध सहकारी समितियों और वरिष्ठ अधिकारियो के मीटिंग के बाद आया है। हालांकि अभी तक इस बारे में आधिकारिक आदेश आना बाकी है।
अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि यह बढ़े हुए दाम दही, दूध पाउडर जैसे अन्य डेयरी प्रोडक्ट पर लागू होंगे या नहीं। बता दें कि दाम बढ़ाने के मामले में KMF ने सरकार से 5 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी करने की मांग की थी।
निजी कंपनियों के मुकाबले नंदिनी दूध के दाम हैं कम
KMF के एक अधिकारी ने बताया कि मौजूदा समय में दूध की खरीद में पिछले साल के मुकाबले गिरावट आई है। पिछले साल 94 लाख लीटर रोजाना दूध की खरीदी हो रही थी। यह घटकर 86 लाख लीटर हो गई है। कंपनी ओर से कम पैसे देने के कारण डेयरी किसान निजी कंपनियों को दूध बेच रहे हैँ। इससे डेयरी किसानों पर संकट के बादल छाने लगे हैं। ऐसे में 3 रुपये प्रति लीटर के दाम बढ़ाकर इसका फायदा किसानों की देने की तैयारी में है। KMF अधिकारियों का कहना है कि कर्नाटक में दूध की कीमत अभी भी निजी कंपनियों के मुकाबले काफी सस्ती हैं। KMF दूध के दाम 39 रुपये प्रति लीटर हैं। जबकि निजी कंपनियां इसे 48 रुपये से लेकर 50 रुपये प्रति लीटर तक बेचती हैं।
नंदिनी दूध के दाम में कैबिनेट की मुहर लगना है बाकी
वहीं सहकारिता मंत्री (Cooperation minister) केएन राजन्ना (K N Rajanna) ने कहा कि इस मामले में अंतिम फैसला कैबिनटे की ओर से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दूध की उत्पादन लागत बढ़ने और किसानों को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की जा रही है। राजन्ना ने आगे कहा कि कर्नाटक में दूध की कीमतें अन्य राज्यों के मुकाबले काफी कम हैं। मौजूदा समय में कर्नाटक में दूध की कीमत 39 रुपये प्रति लीटर हैं। जबकि आंध्र प्रदेश में यह 56 रुपये, तमिलनाडु में 44 रुपये, केरल में 50 रुपये और महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात में 54 रुपये प्रति लीटर के भाव से बिकता है।
जानिए किस कंपनी का ब्रांड है नंदिनी मिल्क
कर्नाटक में डेयरी को-ऑपरेटिव के लिए सबसे प्रमुख कंपनी कर्नाटक कॉपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन लिमिटेड (KMF) है। दक्षिण भारत में यह कंपनी खरीद और ब्रिकी के मामले में पहले स्थान पर है। फेडरेशन का सबसे बड़ा काम दूध का उत्पादन और दूध उत्पाद की मार्केटिंग करना है। कर्नाटक में दूध और अन्य डेयरी उत्पाद नंदिनी के नाम से बिकते हैं। जिस पर कंपनी का हाउसहोल्ड है। इस कंपनी की 16 मिल्क यूनियन हैं। जिसमें प्राइमरी डेयरी कॉपरेटिव सोसायटी से दूध लेकर कर्नाटक के अलग-अलग गांव और शहरों में दूध की आपूर्ति की जाती है।
1955 में स्थापित हुई थी पहली डेयरी
बता दें कि कर्नाटक में कंपनी ने साल 1955 में कोडगू जिले में अपनी पहली डेयरी को स्थापित की थी। साल 1965 तक दूध की मांग बढ़ने लगी। ऐसे में बढ़ती मांग को देखते हुए रोजाना के हिसाब से 50,000 लीटर दूध को प्रोसेस करने की यूनिट को स्थापित किया गया था। जिसे साल 1994 में 3.5 लाख लीटर तक अपग्रेड किया गया।