दिवाली से पहले सस्ती होगी प्याज? दिल्ली की आजादपुर मंडी में कीमतें घटीं

24 अक्टूबर को नवरात्रि खत्म होने के तुरंत बाद प्याज की कीमतों में वृद्धि हुई। तब तक प्याज 35-40 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रही थी। मौसम संबंधी कारणों से खरीफ प्याज की बुआई में देरी के कारण कम फसल हुई और फसल की आवक में दरी हुई। घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने 28 अक्टूबर को प्याज के एक्सपोर्ट पर 31 दिसंबर तक 800 डॉलर प्रति टन का MEP तय कर दिया

अपडेटेड Nov 02, 2023 पर 10:18 AM
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सरकार ने चालू वर्ष 2023-24 में प्याज के लिए ‘बफर स्टॉक’ को दोगुना किया है।

Onion Price: पिछले सप्ताह दिल्ली की आजादपुर मंडी में प्याज की मंडी कीमतें 60-65 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर 30-40 रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं। मंडी व्यापारियों के अनुसार, यह गिरावट 28 अक्टूबर को 800 डॉलर प्रति टन के मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) के सरकार के दखल के बाद आई है। घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने 28 अक्टूबर को प्याज के एक्सपोर्ट पर 31 दिसंबर तक 800 डॉलर प्रति टन का MEP तय कर दिया। 800 डॉलर प्रति टन का MEP लगभग 67 रुपये प्रति किलोग्राम के बराबर है। व्यापारियों के अनुसार, राजस्थान से खरीफ फसलों की सप्लाई शुरू होने से भी मंडी में सरकारी निपटान के साथ-साथ सप्लाई को भी बढ़ावा मिला है।

सरकार ने नेफेड के माध्यम से प्याज बेचना शुरू कर दिया है, जिससे कीमतें कम हो रही हैं। आजादपुर मंडी, फलों और सब्जियों के लिए एशिया का सबसे बड़ा थोक बाजार है। हालांकि उपभोक्ता मामलों के विभाग के ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्याज की रिटेल कीमतें 78 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई हैं। 15 दिन पहले कीमतें 40 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास थीं। वहीं देशभर में प्याज की औसत कीमत करीब 56.63 रुपये प्रति किलो थी। इस बीच अधिकतम दर 90 रुपये प्रति किलोग्राम थी; मॉडल कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम थी, और प्याज की न्यूनतम दर 18 रुपये प्रति किलोग्राम थी। 1 नवंबर को प्याज का औसत थोक मूल्य 4,657.46 रुपये था, जो एक सप्ताह पहले 3,476.21 रुपये था।

कब से आया उछाल


24 अक्टूबर को नवरात्रि खत्म होने के तुरंत बाद प्याज की कीमतों में वृद्धि हुई। तब तक प्याज 35-40 रुपये प्रति किलोग्राम पर बिक रही थी। पूरे त्योहारी सीजन में प्याज की कीमतें ऊंची रहने का अनुमान है। मौसम संबंधी कारणों से खरीफ प्याज की बुआई में देरी के कारण कम फसल हुई और फसल की आवक में दरी हुई। स्टॉक में मौजूद रबी प्याज खत्म होने और खरीफ प्याज के आगमन में देरी के कारण आपूर्ति की स्थिति खराब है। इसके चलते थोक और खुदरा दोनों बाजारों में कीमतें बढ़ रही हैं। हालांकि, सरकार कीमतों को 100 रुपये तक नहीं पहुंचने देने की कोशिश में लगी हुई है। उपभोक्ता मामलों के विभाग की ओर से कहा जा चुका है कि सरकार प्याज की कीमत पर लगाम लगाने के लिए खुदरा बाजारों में प्याज की बिक्री बढ़ा रही है।

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25 रुपये/किलो की रियायती दर पर बिक्री

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, प्याज की उच्च कीमतों से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने 27 अक्टूबर को खुदरा बाजारों में 25 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर ‘बफर स्टॉक’ से प्याज की बिक्री बढ़ाने का फैसला किया। उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह के मुताबिक, सरकार अगस्त के मध्य से ‘बफर स्टॉक’ से प्याज दे रही है। कीमतों में और वृद्धि को रोकने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए खुदरा बिक्री को बढ़ाया जा रहा है। मंत्रालय के अनुसार, जिन राज्यों में कीमतों में तेज वृद्धि हो रही है, वहां थोक और खुदरा दोनों बाजारों में ‘बफर स्टॉक’ से प्याज दी जा रही है। अगस्त के मध्य से 22 राज्यों में विभिन्न स्थानों पर ‘बफर स्टॉक’ से करीब 1.7 लाख टन प्याज दी गई है।

खुदरा बाजारों में ‘बफर स्टॉक’ के प्याज को दो सहकारी निकायों भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (NCCF) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ (NAFED) की दुकानों और वाहनों के जरिए 25 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचा जा रहा है। दिल्ली में भी ‘बफर स्टॉक’ की प्याज को इसी रियायती दर पर बेचा जा रहा है।

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सरकार ने FY24 में बफर स्टॉक किया दोगुना

सरकार ने चालू वर्ष 2023-24 में प्याज के लिए ‘बफर स्टॉक’ को दोगुना किया है। इससे घरेलू उपलब्धता में सुधार होगा और आने वाले दिनों में बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगेगा। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने NCCF और NAFED के जरिए पांच लाख टन का ‘बफर स्टॉक’ बनाए रखा है और आने वाले दिनों में अतिरिक्त दो लाख टन प्याज खरीदने की योजना है। प्याज पर 40 प्रतिशत का निर्यात शुल्क जारी है, जो कीमत वृद्धि को रोकने के लिए केंद्र द्वारा 20 अगस्त को लगाया गया था।

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