कटे-फटे या फिर टेप लगे नोटों को बदलने के क्या हैं नियम, जानें बैंक में क्या है बदलवाने का तरीका

कटे-फटे या फिर चिपके नोटों की वजह से लोगों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि दुकानदार भी ऐसे नोटों को एक्सेप्ट नहीं करते हैं। इस समस्या को हल करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने भारत के हर एक बैंक को नोटों के बदले गंदे, कटे-फटे या खराब हुए नोटों को रेगुलेट करने की सर्विस देने का आदेश दिया है

अपडेटेड Sep 09, 2023 पर 8:16 PM
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भले ही देश में UPI ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ा हो लेकिन अभी भी देश में कैश ट्रांजैक्शन का चलन है। हालांकि अक्सर ही कटे फटे या खराब हो गए नोटों की वजह से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है

भले ही देश में UPI ट्रांजैक्शन तेजी से बढ़ा हो लेकिन अभी भी देश में कैश ट्रांजैक्शन का चलन है। हालांकि अक्सर ही कटे फटे या खराब हो गए नोटों की वजह से लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि नोट कागज के बने होते हैं जिनके खराब होने का डर बना रहता है। कभी कभी एटीएम से भी कटे या पिर टेप से चिपके हुए नोट निकल जाते हैं। हालांकि बैंक की कैश डिपॉजिट मशीन कभी भी ऐसे नोटों को एक्सेप्ट नहीं करती है।

कटे-फटे या फिर चिपके नोटों से होती है दिक्कत

कटे-फटे या फिर चिपके नोटों की वजह से लोगों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि दुकानदार भी ऐसे नोटों को एक्सेप्ट नहीं करते हैं। इस समस्या को हल करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने भारत के हर एक बैंक को नोटों के बदले गंदे, कटे-फटे या खराब हुए नोटों को रेगुलेट करने की सर्विस देने का आदेश दिया है। हालांकि ऐसे नोटों की कीमत तय करने लोगों को नए नोट कैसे दिए जाने हैं इस बारे में अलग अलग तरह के नियम हैं।

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क्या कहा था RBI ने

इस साल 3 अप्रैल 2023 को एक मास्टर डायरेक्शन में कहा था और 15 मई को दोहराया था कि सभी कीमतों के लिए नए और अच्छी क्वालिटी वाले नोट और सिक्के जारी किए जाएंगे। वहीं बैंक में गंदे और कटे-फटे नोटों को बदलने का कुछ तरीका भी है। DBS बैंक इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रशांत जोशी ने मीडिया को बताया कि बैंक में गंदे या फिर कटे-फटे नोटों को बदलवाने के लिए अकाउंट खोलने की जरूरत नहीं है। वे किसी भी बैंक में जाकर किसी भी वर्किंग डे पर अपने खराब नोटों को बदलवा सकते हैं। साउथ इंडियन बैंक के बैंकिंग ऑपरेशंस ग्रुप के जनरल मैनेजर शिवरामन ने मीडिया को बताया कि किसी करेंसी नोट को कटे-फटे नोट कहा जाता है, जब उसका एक हिस्सा या तो गायब हो या नोट दो से अधिक टुकड़ों से बना हो।

RBI पॉलिसी तय करती है नोटों की कीमत

हालांकि ऐसे नोटों की कीमत RBI के नियमों के आधार पर तय की जाती है। इन नोटों की कीमत इसकी क्वालिटी पर ही तय करती है। अगर आपके पास 50 रुपये से कम कीमत के फटे या गंदे नोट का 50 पीसदी से भी ज्यादा का हिस्सा खराब है तो उस पर आपको पूरी कीमत दी जाएगी। कटे-फटे नोटों के लिए नियम थोड़े अलग हैं। यदि दावे में दो टुकड़ों में कटा हुआ नोट शामिल है, हर एक नोट का खराब हिस्सा 40 प्रतिशत के बराबर या उससे अधिक है, तो नोट के पूरे मूल्य के लिए दावा वापस किया जा सकता है। वहीं पूरी तरह से खराब हुए या फिर जले नोटों के बदले आपको कुछ भी नहीं मिलेगा।

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