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सोना-चांदी नहीं, 2026 में कॉपर में निवेश से होगी जोरदार कमाई, जानिए कैसे लगा सकते हैं दांव

2025 में कॉपर करीब 13,000 डॉलर प्रति टन चढ़ा है। कॉपर की कीमतों में तेजी की कई वजहें हैं। लेकिन हालिया तेजी की वजह इसकी कम सप्लाई, स्ट्रॉन्ग इनवेस्टर डिमांड, इलेक्ट्रिक व्हीकल का इस्तेमाल और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को माना जा रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 09, 2026 पर 7:58 PM
सोना-चांदी नहीं, 2026 में कॉपर में निवेश से होगी जोरदार कमाई, जानिए कैसे लगा सकते हैं दांव
कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर कॉपर फ्यूचर्स 29 दिसंबर को 1,392.95 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था।

कॉपर ने एक साल में करीब 60 फीसदी रिटर्न दिया है। 6 जनवरी, 2026 को कॉपर का प्राइस कॉमेक्स पर स्पॉट मार्केट में 6.09 डॉलर प्रति पाउंड पर पहुंच गया था। एक साल पहले प्राइस 3.80 डॉलर प्रति पाउंड था। हालांकि, 9 जनवरी को इसका भाव थोड़ी नरमी के साथ 5.84 डॉलर प्रति पाउंड चल रहा था। 2025 में कॉपर में पूरे साल तेजी देखने को मिली।

वायरिंग और केबल्स सहित कई इंडस्ट्रीज में इस्तेमाल

कॉपर का इस्तेमाल वायरिंग और केबल्स सहित कई तरह की इंडस्ट्रीज में होता है। इंडिया में भी कॉपर की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर कॉपर फ्यूचर्स 29 दिसंबर को 1,392.95 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था। 9 जनवरी को भाव 1,278.95 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।

2025 में कीमतें 13000 डॉलर प्रति टन चढ़ीं

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