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गोबर, गोमूत्र और केचुए से बनी खाद से किसानों की बढ़ी आमदनी, जानिए कैसे करें

देश में ऑर्गेनिक खेती को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में देश के किसान गोबर, गोमूत्र और केचुआ से खाद बनाकर मोटी कमाई कर सकते हैं

Jitendra Singhअपडेटेड Oct 06, 2022 पर 5:34 PM
गोबर, गोमूत्र और केचुए से बनी खाद से किसानों की बढ़ी आमदनी, जानिए कैसे करें
गाय के गोबर की खाद खेती के लिए काफी फायदेमंद होती है।

भारतीय अर्थव्यवस्था में गायों का एक अहम रोल है। ग्रामीण इलाकों में गाय पालन एक कमाई का बहुत बड़ा जरिया है। अब तक किसान केवल गाय के दूध का व्यवसाय करके मुनाफा कमाते थे। लेकिन अब वे गोबर और गौमूत्र को भी बढ़िया आमदनी हासिल कर सकते हैं। केचुआ को भी किसानों को मित्र कहा जाता है। यह भी किसानों को आमदनी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।

बदलते वक्त के साथ साथ ऑर्गेनिक खेती को भी भारत में बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे किसान बिना केमिकल की खाद का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे किसानों को अच्छा उत्पादन और आमदनी भी बढ़ी है। इन दिनों खेती किसानी में केचुआ खाद, गौ मूत्र का उपयोग तेजी से बढ़ा है।

केचुआ खाद

केचुए को अगर गोबर के रूप में भोजन दिया जाए तो इसे खाने के बाद विघटित होकर बने नए उत्पाद को केचुआ खाद यानी वर्मी कम्पोस्ट कहते हैं। गोबर के वर्मी कम्पोस्ट में बदल जाने के बाद इसमें बदबू नहीं आती है। इसमें मक्खियां और मच्छर भी नहीं पनपते हैं। इससे पर्यावरण में भी शुद्धि रहती है। इसमें 2-3 फीसदी नाइट्रोजन, 1.5 से 2 फीसदी सल्फर, और 1.5 से 2 फीसदी पोटाश पाया जाता है। इसीलिए केचुआ को किसानों का मित्र कहा जाता है। यह खाद सिर्फ 2-3 महीने में तैयार हो जाती है। ऐसे में देश के किसान केचुआ खाद का इस्तेमाल करके अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं। सरकार भी ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दे रही है।

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