ज्यादातर लोगों को क्रेडिट स्कोर का ख्याल तब आता है, जब वे होम लोन, कार लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं। इससे पहले वे अपने क्रेडिट स्कोर को चेक करना भी जरूरी नहीं समझते। एक्सपर्ट्स का कहना है कि व्यक्ति को अपने क्रेडिट स्कोर के बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है। इसके कई फायदे हैं।
750 से ज्यादा क्रेडिट स्कोर वालों को फायदा
एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रेडिट स्कोर 750 या 780 पहुंचते ही कई फायदे मिलने शुरू हो जाते है। ज्यादातर लोगों को इन फायदों के बारे में पता नहीं होता। ज्यादा क्रेडिट स्कोर होने पर आप न सिर्फ बैंक या एनबीएफसी से लोन के इंटरेस्ट रेट में डिस्काउंट की मांग कर सकते हैं बल्कि दूसरे नियम एवं शर्तों में भी रियायत के लिए कह सकते हैं।
बैंक लोन देने में दिखाते हैं दिलचस्पी
बैंक उन ग्राहकों के लोन के अप्लिकेशंस में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं, जिनका क्रेडिट स्कोर हाई होता है। इसकी वजह यह है कि उन्हें ऐसे ग्राहकों के लोन में कम रिस्क दिखता है। ग्राहक अपने ज्यादा क्रेडिट स्कोर का फायदा उठा सकते हैं। वे बैंक या एनबीएफसी से बेहतर इंटरेस्ट रेट और नियम और शर्तों की मांग कर सकते हैं।
आप बैंक से कर सकते हैं मोलभाव
इसे एक उदाहरण की मदद से समझा जा सकता है। अगर दो बैंक आपके लोन एप्लिकेशन को एप्रूव कर देते हैं तो आप एक बैंक का ऑफर दूसरे बैंक को दिखा सकते हैं। आप इंटरेस्ट रेट में रियायत की मांग कर सकते हैं। बैंक ज्यादा क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों को हाथ से नहीं निकलना देना चाहते। इसलिए वे आपकी मांग पूरी करते हैं। दूसरी तरफ क्रेडिट स्कोर ज्यादा नहीं होने पर बैंक ग्राहक से ज्यादा इंटरेस्ट रेट वसूलना चाहते हैं।
प्री-एप्रूव्ड लोन के ऑफर बैंक भेजते रहते हैं
ज्यादा क्रेडिट स्कोर वाले लोगों को अक्सर बैंक से प्री-एप्रूव्ड लोन के ऑफर आते रहते हैं या बगैर अप्लाई किए क्रेडिट कार्ड अपग्रेड करने का ऑफर बैंक देते रहते हैं। कई बार इमर्जेंसी में ऐसे ऑफर काम आते हैं। जब अचानक पैसे की जरूरत हो तो प्री-एप्रूव्ड लोन का ऑफर काम में आता है। ग्राहक को कम इंटरेस्ट रेट पर अपनी जरूरत के हिसाब से फंड मिल जाता है। दूसरी तरह क्रेडिट स्कोर कम होने पर बैंक अप्लाई करने के बावजूद ग्राहक को लोन देने में दिलचस्पी नहीं दिखाते।
कई दूसरी सर्विसेज में ज्यादा क्रेडिट स्कोर से फायदा
इंडिया में अब कई दूसरी सर्विसेज के लिए भी व्यक्ति के क्रेडिट स्कोर को देखने का चलन बढ़ रहा है। विदेश में ऐसा पहले से होता है। कई मकान मालिक रेंट पर घर देने से पहले व्यक्ति का क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं। ज्यादा क्रेडिट स्कोर होने पर वे रेंट पर घर देने में दिलचस्पी दिखाते हैं। कई बैंक अपने सबसे अच्छे क्रेडिट कार्ड सिर्फ उन ग्राहकों को देते हैं, जिनका क्रेडिट स्कोर बहुत अच्छा होता है।