म्यूचुअल फंड की स्कीम में निवेश करने वाले कई इनवेस्टर्स सीएजीआर, एकआईआरआर और अब्सॉल्यूट रिटर्न के बीच कनफ्यूज्ड हो जाते हैं। उन्हें इन तीनों के बीच फर्क समझ में नहीं आता। सवाल है कि इनवेस्टर्स को अपनी स्कीम के प्रदर्शन को जानने के लिए इनमें से किस रिटर्न का इस्तेमाल करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि CAGR, XIRR और अब्सॉल्यूट रिटर्न तीनों का इस्तेमाल फंड के प्रदर्शन को जानने के लिए होता है। अब्सॉल्यूट रिटर्न का मतलब शुरुआत से अंत तक स्कीम की कुल ग्रोथ यानी कुल रिटर्न होता है। अगर किसी फंड का अब्सॉल्यूट रिटर्न 75 फीसदी है तो इसका मतलब है कि अगर आपने एक लाख रुपये का निवेश किया था तो आपका पैसा अब बढ़कर 1.75 लाख हो गया है।
म्यूचुअल फंड्स के रिटर्न को जानने के लिए अब्सॉल्यूट रिटर्न, सीएजीआर और XIRR तीनों का इस्तेमाल होता है। सीएजीआर का मतलब कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट होता है। XIRR का मतलब एक्सटेंडेड इनटर्नल रेट ऑफ रिटर्न होता है। म्यूचुअल फंड्स के निवेशकों को इन तीनों के बारे में ठीक तरह से समझना जरूरी है।
Roinet Solutions के एमडी और फाउंडर समीर माथुर ने कहा, "हर पैमाने का अपना अलग इस्तेमाल है। अब्सॉल्यूट रिटर्न से कुल गेंस या लॉस का पता चलता है। सीएजीआर से फंड के सालाना औसत रिटर्न का पता चलता है। एक्सआईआरआर टाइमिंग और कैश-फ्लो के अमाउंट के बारे में बताता है।"
अब्सॉल्यूट रिटर्न का मतलब
अब्सॉल्यूट रिटर्न में किसी खास अवधि में कुल नफा और नुकसान का पता चलता है। यह छोटी अवधि यानी तीन साल से कम पीरियड में फंड का रिटर्न जानने के लिए सही है। फंड्स इंडिया के सीनियर मैनेजर (रिसर्च) जिरल मेहता ने कहा, "अब्सॉल्यूट रिटर्न शुरुआत से लेकर अंत तक फीसदी में कुल रिटर्न को बताता है। इसमें रिटर्न का सालाना रेट नहीं होता। यह छोटी अवधि जैसे एक साल में किसी फंड के रिटर्न को जानने के लिए सही है।"
सीएजीआर से इनवेस्टमेंट के औसत सालाना ग्रोथ रेट का पता चलता है। यह लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट के रिटर्न को जानने के लिए सही है। सीएजीआर एकमुश्त निवेश के रिटर्न को सालाना आधार पर बताता है। जैसे अगर किसी इनवेस्टर ने अपने एकमुश्त निवेश के सालाना रिटर्न को जानना चाहता है तो वह सीएजीआर रिटर्न का इस्तेमाल कर सकता है। उदाहरण के लिए अगर 1 लाख रुपये का निवेश 5 साल में 2 लाख रुपये हो जाता है तो सीएजीआर रिटर्न करीब 14.87 फीसदी होगा।
यह अलग-अलग समय पर कई बार इनवेस्टमेंट और विड्रॉल वाले निवेश के रिटर्न को बताता है। इसलिए इसका इस्तेमाल सिप से निवेश के रिटर्न को जानने के लिए होता है। स्टॉकीफाय के फाउंडर और सीईओ पीयूष झुनझुनवाला ने कहा, "एक्सआईआरआर मेथड जरूरी है, क्योंकि सिप में इनवेस्टर कई बार निवेश करता है। यह कैश फ्लो पैटर्न को एनालाइज करने के बाद एक्चुअल अर्निंग्स के बारे में बताता है।"
झुनझुनवाला ने कहा कि इनवेस्टर को जरूरत के हिसाब से इन तीन तरह के रिटर्न का इस्तेमाल अपनी स्कीम के प्रदर्शन को जानने के लिए करना चाहिए। XIRR का इस्तेमाल सिप के निवेश को रिटर्न को जानने के लिए करना चाहिए। सीएजीआर का इस्तेमाल लंबी अवधि के एकमुश्त निवेश के सालाना रिटर्न को जानने के लिए किया जा सकता है। अब्सॉल्यूट रिटर्न बताता है कि निवेश का पैसा खास अवधि में कितना बढ़ा है।