DA Revision: आखिर कब बढ़ेगा केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज का डीए, जानिए एक्सपर्ट्स के जवाब

केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज के कई एसोसिएशंस ने डीए बढ़ने में देरी को लेकर फाइनेंस मिनिस्ट्री को लेटर लिखे हैं। इनमें जल्द डीए में वृद्धि के ऐलान या इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने की गुजारिश की गई है

अपडेटेड Apr 10, 2026 पर 8:22 PM
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सरकार ने जुलाई 2025 में डीए 54 फीसदी से बढ़ाकर 58 फीसदी कर दिया था।

देशभर में केंद्र सरकार के 45 लाख एंप्लॉयीज और 60 लाख पेंशनर्स को डीए में वृद्धि के केंद्र सरकार के ऐलान का इंतजार है। इसमें दो हफ्तों से ज्यादा देर हो चुकी है। सरकार ने जुलाई 2025 में डीए 54 फीसदी से बढ़ाकर 58 फीसदी कर दिया था। कई एंप्लॉयीज को अप्रैल की सैलरी में बढ़ा हुई डीए आने का इंतजार है। उन्हें उम्मीद है कि इसके साथ जनवरी 2026 से अब तक का एरियर्स भी आएगा।

एंप्लॉयीज एसोसिएशंस ने सरकार को लिखे हैं लेटर

केंद्र सरकार के एंप्लॉयीज के कई एसोसिएशंस ने डीए बढ़ने में देरी को लेकर फाइनेंस मिनिस्ट्री को लेटर लिखे हैं। इनमें जल्द डीए में वृद्धि के ऐलान या इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने की गुजारिश की गई है। ऑल इंडिया एनपीएस एंप्लॉयीज फेडरेशन के प्रेसिडेंट मंजीत सिंह पटेल ने कहा, "केंद्र सरकार के कैबिनेट की मीटिंग आम तौर पर हर बुधवार को होती है। सरकार ने अब तक न तो डीए बढ़ाने का ऐलान किया है और न ही इसमें हो रही देर की वजह बताई है।"


मार्च के अंतिम हफ्ते में हो जाता है डीए बढ़ाने का ऐलान

उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द डीए बढ़ाने का ऐलान करना चाहिए या इस ऐलान में हो रही देर की वजहों के बारे में बताना चाहिए। कॉनफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लॉयीज एंड वर्कर्स ने भी इस बारे में लेटर लिखा है। इसमें कहा गया है, "आम तौर पर डीए का ऐलान मार्च के अंतिम हफ्ते में होता आया है। हर साल तीन महीने का एरियर्स अप्रैल के पहले हफ्ते में मिल जाता है। इसमें देरी होने से एंप्लॉयीज और पेंशनर्स के बीच असंतोष है। "

डीए बढ़ाने में देरी की वजह यह हो सकती है

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का भी कहना है कि पिछले सालों में मार्च में पहली किस्त नोटिफाय हो जाती थी। लेकिन, 2026 की साइकिल में थोड़ी देर हो रही है। बैंक बाजार के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा, "इसकी वजह एडमिनिस्ट्रेटिव सिक्वेंसिंग और 8वें सीपीसी फ्रेमवर्क की तरफ ट्रांजिशन हो सकती है। इसके लिए अपेडेटेड पे स्ट्रक्चर और इनफ्लेशन डेटा के बीच एलाइनमेंट जरूरी है।" उन्होंने कहा कि डीए में वृद्धि में ऐलान की कोई बड़ी वजह नहीं है।

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डीए बेसिक पे में मर्ज करने का प्रस्ताव नहीं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को डीए की मांग और फिस्कल डिसिप्लिन के बीच संतुलन बनाना चाहिए। खासकर चुनाव से पहले के माहौल में यह और भी जरूरी है। इससे पहले एंप्लॉयीज एसोसिएशन की मांग 50 फीसदी डीए को बेसिस पे के साथ मर्ज करने की थी। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए ऐसा किया जाना चाहिए। लेकिन, केंद्र सरकार ने साफ किया था कि इसका कोई प्रस्ताव उसके पास नहीं है।

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