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Budget 2026: बजट का बाजार पर नहीं होगा कोई खास असर, अर्निंग ग्रोथ ही 2026 में तय करेगी बाजार की दिशा

Budget 2026: नवीन कुलकर्णी ने कहा कि उम्मीद है कि 2026 में अर्निंग में डबल-डिजिट ग्रोथ होगी क्योंकि बेस कम है। अगर अर्निंग ग्रोथ उम्मीद से कम रहती है तो भारतीय इक्विटी बाजार और नीचे जाएगा

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jan 27, 2026 पर 12:57 PM
Budget 2026: बजट का बाजार पर नहीं होगा कोई खास असर, अर्निंग ग्रोथ ही 2026 में तय करेगी बाजार की दिशा
Market view : नवीन कुलकर्णी में कहा कि जियो-इकोनॉमिक टकराव पहले से ही एक बड़ा रिस्क रहा है। बाजार ने काफी हद तक इसके असर को पचा भी लिया। ऐसे में बाजारों के लिए सबसे अहम फैक्टर अर्निंग ग्रोथ होगी

Budget 2026 : सरकार ने बजट से पहले ही कंजम्पशन खर्च को बढ़ावा देने के लिए GST रेट कम करने का कदम उठा लिया और इसका असर भी दिखना शुरू हो गया है। इसलिए,बजट का भारत में FII फ्लो को वापस लाने में सीमित रोल हो सकता है। ये बातें एक्सिस सिक्योरिटीज PMS के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर नवीन कुलकर्णी ने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कही हैं। उन्हें उम्मीद है कि बजट में कंजम्पशन से जुड़े थीम और कैपिटल एक्सपेंडिचर के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश होगी। उनके मुताबिक,इक्विटी मार्केट के लिए 2026 में अर्निंग ग्रोथ मेन ग्रोथ ड्राइवर होगी। उन्होंने कहा, "इसमें तेज़ी आनी चाहिए,क्योंकि कोई भी नेगेटिव सरप्राइज़ मार्केट के सेंटिमेंट पर असर डाल सकता है।"

क्या आपको लगता है कि यूनियन बजट 2026 FII फ्लो को वापस भारत लाने में अहम भूमिका निभा सकता है?

हाल के सालों में यूनियन बजट मार्केट को प्रभावित करने वाला कोई बड़ा इवेंट नहीं रहा है। बजट से पहले उम्मीदें बहुत ज़्यादा होती हैं, लेकिन बजट के बाद अक्सर असर सीमित ही रहता है। सरकार ने बजट से पहले ही कंजम्पशन खर्च को बढ़ाने के लिए GST रेट कम करने की घोषणा की है। इसका असर दिखना शुरू हो गया है। इसलिए, FII फ्लो को भारत में वापस लाने में बजट की भूमिका सीमित हो सकती है।

क्या बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़्यादा फोकस रहेगा,फिस्कल कंसोलिडेशन के रास्ते पर चला जाएगा और बड़े पैमाने पर कंजम्पशन से जुड़ी छूट से बचा जाएगा?

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