Get App

Daily Voice: बाजार में एकमुश्त निवेश शुरू करने का अच्छा मौका-WhiteOak Capital के आशीष सोमैया

आशीष पी सौम्या ने कहा कि इस समय प्राइवेट बैंक काफी अच्छे नजर आ रहे हैं। इनकी एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है। इनकी बैलेंसशीट भी काफी अच्छी है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 18, 2022 पर 12:38 PM
Daily Voice: बाजार में एकमुश्त निवेश शुरू करने का अच्छा मौका-WhiteOak Capital के आशीष सोमैया
आशीष पी सोमैया ने कहा कि इस समय प्राइवेट बैंक काफी अच्छे नजर आ रहे हैं। इनकी एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है। इनकी बैलेंसशीट भी काफी अच्छी है

मनीकंट्रोल के साथ हाल में हुई अपनी एक लंबी बातचीत में व्हाइटओक कैपिटल (WhiteOak Capital Asset Management) के सीईओ आशीष पी सौम्या (Aashish P Somaiyaa) ने कहा कि बाजार में अब तक आ चुकी 12 फीसदी की गिरावट के बाद अब एकमुश्त निवेश के अच्छे मौके नजर आ रहे हैं। वर्तमान लेवल पर बाजार में अब अच्छी मात्रा में निवेश आता नजर आ सकता है। लेकिन यह मानना भी गलत होगा कि मार्केट सेंटीमेंट निवेशकों के मूड पर कोई असर नहीं डालेगा।

इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि मौद्रिक नीति में कड़ाई आने से जुड़ी अब तक की सारी खबरों को बाजार पचा चुका है। बाजार में पैसे बनाने के लिए हमें काउंटर सिक्लिकल नजरिया अपनाना होगा। लेकिन यह भी ध्यान रखें कि बाजार में जरुरत से ज्यादा एक्शन निवेशकों में भावनात्मक प्रतिक्रिया पैदा करते हैं। ऐसा होना स्वाभाविक भी है, क्योंकि मनुष्य में तर्क की तुलना में भावनाएं ज्यादा प्रधान होती हैं। रोरी सदरलैंड (Rory Sutherland) ने अपनी पुस्तक द अल्केमी: सरप्राइज़िंग पावर ऑफ़ आइडियाज़ दैट डोंट मेक सेंस ( Alchemy: The Surprising Power of Ideas That Don't Make Sense,") में भी यही बात कही है।

पिछले डेढ़ महीने में आई करीब 12 फीसदी की गिरावट के बाद अब बाजार फिर से संभलता नजर आ रहा है। ऐसे में आपकी क्या होगी रणनीति? इस सवाल का जबाव देते हुए आशीष पी सौम्या ने कहा कि किसी भी लेवल से करीब 5-10 फीसदी की गिरावट की संभावना से कभी भी इनकार नहीं किया जा सकता और वर्तमान लेवल से भी ऐसा होता नजर आ सकता है। यह ध्यान रखने वाली बात है कि घरेलू बाजार में हाल में आई गिरावट में विदेशी बाजारों से आई खराब खबरों का योगदान रहा है।

चीन में राजनैतिक कारणों से टेक्नोलॉजी कंपनियों पर सरकार के क्रैक डाउन से इसकी शुरुआत हुई। उसके बाद अमेरिकी टेक कंपनियों में आई गिरावट से यह क्रम आगे बढ़ा। इस बीच बढ़ती महंगाई के कराण यूएस फेड की तरफ से मौद्रिक नीतियों में कड़ाई आने के संकेत शुरु हुए। यूक्रेन पर रुस के आक्रमण ने स्थितियां बद से बदतर बना दीं। इसके चलते कच्चे तेल, मेटल और कमोडिटी की कीमतों में आए उछाल ने पूरी दुनिया में महंगाई के बढ़ने का खतरा पैदा कर दिया।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें