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Digital Gold Investment: डिजिटल गोल्ड में निवेश करने में क्या है रिस्क, सेबी ने क्यों निवेशकों को सावधान किया है?

Digital Gold Investment: इंडिया में डिजिटल गोल्ड की शुरुआत करीब 10-12 साल पहले हुई थी। फिनटेक कंपनियों के मार्केट में आने से इस प्रोडक्ट को बढ़ावा मिला। आज फोनपे, पेटीएम, गूगल पे जैसे प्लेटफॉर्म्स इनवेस्टर्स को डिजिटल गोल्ड में निवेश करने की सुविधा दे रहे हैं

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Nov 10, 2025 पर 4:47 PM
Digital Gold Investment: डिजिटल गोल्ड में निवेश करने में क्या है रिस्क, सेबी ने क्यों निवेशकों को सावधान किया है?
डिजिटल गोल्ड उन लोगों के लिए गोल्ड में निवेश का एक आसान विकल्प है, जो इस मेटल की कीमतों में इजाफा का फायदा उठाना चाहते हैं।

सेबी ने डिजिटल गोल्ड में निवेश करने वाले निवेशकों को सावधान किया है। मार्केट रेगुलेटर ने 8 नवंबर को स्टेटमेंट इश्यू किया। इसमें उसने डिजिटल गोल्ड में निवेश के खतरों के बारे में बताया। दरअसल, पिछले कुछ समय से डिजिटल गोल्ड में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ी है। मार्केट रेगुलेटर ने कहा कि यह प्रोडक्ट किसी तरह के रेगुलेशन के तहत नहीं आता है। इस वजह से इसमें निवेश करना रिस्की है। सेबी ने निवेशकों को गोल्ड ईटीएफ जैसे प्रोडक्ट्स में निवेश करने की सलाह दी, जो पूरी तरह रेगुलेटेड हैं।

10-12 पहले हुई थी डिजिटल गोल्ड की शुरुआत

इंडिया में Digital Gold की शुरुआत करीब 10-12 साल पहले हुई थी। फिनटेक कंपनियों के मार्केट में आने से इस प्रोडक्ट को बढ़ावा मिला। आज फोनपे, पेटीएम, गूगल पे जैसे प्लेटफॉर्म्स इनवेस्टर्स को डिजिटल गोल्ड में निवेश करने की सुविधा दे रहे हैं। एमएमटीसी-पीएएमपी डिजिटल गोल्ड मार्केट की लीडर है। इसके अलावा तनिष्क जैसे कई ब्रांडेड ज्वेलर्स भी इनवेस्टर्स को डिजिटल गोल्ड में इनवेस्ट करने की सुविधा देते हैं।

10 रुपये तक के अमाउंट से कर सकते हैं निवेश

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