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Gold Price: इस हफ्ते ₹2000 उछला सोना, किन वजहों ने दिया बढ़ावा; आगे कैसी रह सकती है चाल

Gold Price: विदेशी बाजार में सोने का हाजिर भाव 4,137.88 डॉलर प्रति औंस पर है। शुक्रवार को सोना गिरावट में बंद हुआ। फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से ऐसा हुआ। सोने की देश के अंदर कीमतों पर डोमेस्टिक फैक्टर्स के साथ-साथ ग्लोबल फैक्टर्स का भी असर होता है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Nov 15, 2025 पर 4:25 PM
Gold Price: इस हफ्ते ₹2000 उछला सोना, किन वजहों ने दिया बढ़ावा; आगे कैसी रह सकती है चाल
जेपी मॉर्गन प्राइवेट बैंक का कहना है कि गोल्ड साल 2026 में 5000 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच सकता है।

14 नवंबर को भले ही सोने में बिकवाली का दबाव रहा हो लेकिन वीकली बेसिस पर इसने तेजी देखी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के प्राइस के मुताबिक, इस सप्ताह सोने की कीमत 2000 रुपये या लगभग 2% से अधिक बढ़ने में कामयाब रही। शुक्रवार को MCX पर सोना 2.64 प्रतिशत गिरावट के साथ 123400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। अमेरिका के फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से सप्ताह के अंत में सोने की कीमतों में नरमी आई। नए आर्थिक आंकड़ों की कमी से ब्याज दरों में और कटौती में देरी हो सकती है। इससे डॉलर सूचकांक मजबूत हुआ, जिससे सोने पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।

1 अक्टूबर से अमेरिका में जारी शटडाउन के कारण सरकारी एजेंसियों पर असर पड़ा है और नए आर्थिक आंकड़ों के जारी होने में देरी हुई है। इसके चलते फेडरल रिजर्व के अधिकारी सतर्क हो गए हैं। हालांकि अमेरिकी लॉ मेकर्स ने एक अस्थायी स्पेंडिंग बिल पास कर दिया है। इससे अमेरिकी सरकारी विभागों में इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन खत्म होने वाला है।

सप्ताह के दौरान किन वजहों ने सोने को दिया बूस्ट

ऐसा माना जा रहा है कि मजबूत वैश्विक संकेतों, डॉलर की कमजोरी और अमेरिकी सरकार के शटडाउन ने सोने की कीमतों को बढ़ावा दिया। अब इस शटडाउन के खत्म होने के बाद जारी होने वाले आर्थिक आंकड़े, सोने के लिए अगला बड़ा बूस्ट साबित हो सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आर्थिक डेटा कमजोर रहने का अनुमान ज्यादा है। शंघाई में सोने के भंडार में भारी बढ़ोतरी भी तेजी का एक कारण रहा।

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