प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों की सैलरी से कुछ पैसा हर महीने ईपीएफ में जमा होता है। करीब इतना ही पैसा एंप्लॉयर भी एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में कंट्रिब्यूट करता है। यह बेसिक सैलरी (प्लस डीए) का 12 फीसदी होता है। इस तरह से तैयार फंड का बड़ा हिस्सा एंप्लॉयी के रिटायर करने पर उसे एकमुश्त मिल जाता है। एंप्लॉयर के 12 फीसदी कंट्रिब्यूशन में 8.33 फीसदी एंप्लॉयी के पेंशन फंड (ईपीएस) में जाता है। इस पेंशन फंड में जमा पैसे से ही रिटायरमेंट के बाद एंप्लॉयी को हर महीने पेंशन मिलती है।
पेंशन का कैलकुलेशन कैसे होता है?
इस कैलकुलेशन के लिए बेसिक सैलरी की 15,000 रुपये की सीमा तय है। इसका मतलब है कि हर महीने 1,250 रुपये हर महीने एंप्लॉयी के पेंशन फंड में जमा होता है। पिछले साल एक्चुअल बेसिक सैलरी पर हायर पेंशन का ऑप्शन सेलेक्ट करने वाले एंप्लॉयीज का ज्यादा पैसा हर महीने पेंशन फंड में जाता है। कोई एंप्लॉयी पेंशन का हकदार तब होता है, जब वह कम से कम 10 साल तक ईपीएस का सदस्य होता है। पेंशन का फॉर्मूला इस तरह है। पेंशन=(पेंशनेबल सैलरी(पिछले 60 महीने की सैलरी का एवरेज)X पेंशनेबल सर्विस)/70 ।
एंप्लॉयी के निधन के बाद कितनी पेंशन मिलती है?
रिटायरमेंट के बाद एंप्लॉयी को तय फॉर्मूला के हिसाब से पेंशन मिलती है। एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम, 1995 के तहत न सिर्फ एंप्लॉयी बल्कि उसकी पत्नी/पति और बच्चे भी तब पेंशन के हकदार होते हैं, जब रिटायरमेंट से पहले या बाद एंप्लॉयी का निधन हो जाता है। एंप्लॉयी के रिटायरमेंट से लेकर उसके निधन तक ऊपर बताए फॉर्मूला से पेंशन मिलती है। लेकिन, उसके निधन के बाद पेंशन का पेमेंट पूरी तरह बंद नहीं होता है। पत्नी/पित या बच्चे की उम्र 25 साल से कम होने पर वे पेंशन के हकदार होंगे।
न्यूनतम पेंशन कितनी मिलती है?
परिवार को पेंशन मिलेगी अगर ईपीएस मेंबर ने निधन से पहले ईपीएस में एक बार भी कंट्रिब्यूशन किया है। अगर एंप्लॉयी का निधन नौकरी के दौरान हो जाता है तो पत्नी को न्यूनतम 1,000 रुपये की पेंशन हर महीने मिलेगी। एंप्लॉयी की पत्नी को तब तक पेंशन मिलती है, जब तक वह जीवित रहती है। अगर वह दोबारा शादी कर लेती है तो चिल्ड्रेन पेंशन ऑर्फन पेंशन में कनवर्ट हो जाएगी। फिर पेंशन का अमाउंट बढ़ जाएगा।
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एंप्लॉयी के अविवाहित होने पर क्या होगा?
एंप्लॉयी के सिंगल होने पर विधवा पेंशन यानी पत्नी को मिलने वाली पेंशन का पेमेंट उस पर निर्भर मातापिता को होता है। पेंशनर के रूप में आप किसी व्यक्ति को इसके लिए नॉमिनेट नहीं कर सकते। अगर ईपीएस मेंबर अविवाहित या तलाकशुदा नहीं है तो पेंशन का पैसा ईपीएस नियम के तहत पत्नी और बच्चों को मिलेगा। पत्नी को एंप्लॉयी को मिलने वाली पेंशन का 50 फीसदी मिलता है। बच्चों को विधवा पेंशन का 25 फीसदी मिलता है। यह पेंशन तब तक मिलती है जब तक बच्चे 25 साल के नहीं हो जाते।