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Employee pension Fund: एंप्लॉयी के निधन के बाद परिवार के सदस्यों के लिए पेंशन के नियम क्या हैं?

प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों की सैलरी का एक हिस्सा हर महीने ईपीएफ अकाउंट में जमा होता है। यह बेसिक सैलरी का 12 फीसदी होता है। एंप्लॉयर भी करीब 12 फीसदी का कंट्रिब्यूशन करता है। एंप्लॉयर के 12 फीसदी कंट्रिब्यूशन में 8.33 फीसदी एंप्लॉयी के पेंशन फंड (ईपीएस) में जाता है। इस पेंशन फंड में जमा पैसे से ही रिटायरमेंट के बाद एंप्लॉयी को हर महीने पेंशन मिलती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 22, 2024 पर 4:41 PM
Employee pension Fund: एंप्लॉयी के निधन के बाद परिवार के सदस्यों के लिए पेंशन के नियम क्या हैं?
एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम, 1995 के तहत न सिर्फ एंप्लॉयी बल्कि उसकी पत्नी/पति और बच्चे भी तब पेंशन के हकदार होते हैं, जब रिटायरमेंट से पहले या बाद एंप्लॉयी का निधन हो जाता है।

प्राइवेट नौकरी करने वाले लोगों की सैलरी से कुछ पैसा हर महीने ईपीएफ में जमा होता है। करीब इतना ही पैसा एंप्लॉयर भी एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में कंट्रिब्यूट करता है। यह बेसिक सैलरी (प्लस डीए) का 12 फीसदी होता है। इस तरह से तैयार फंड का बड़ा हिस्सा एंप्लॉयी के रिटायर करने पर उसे एकमुश्त मिल जाता है। एंप्लॉयर के 12 फीसदी कंट्रिब्यूशन में 8.33 फीसदी एंप्लॉयी के पेंशन फंड (ईपीएस) में जाता है। इस पेंशन फंड में जमा पैसे से ही रिटायरमेंट के बाद एंप्लॉयी को हर महीने पेंशन मिलती है।

पेंशन का कैलकुलेशन कैसे होता है?

इस कैलकुलेशन के लिए बेसिक सैलरी की 15,000 रुपये की सीमा तय है। इसका मतलब है कि हर महीने 1,250 रुपये हर महीने एंप्लॉयी के पेंशन फंड में जमा होता है। पिछले साल एक्चुअल बेसिक सैलरी पर हायर पेंशन का ऑप्शन सेलेक्ट करने वाले एंप्लॉयीज का ज्यादा पैसा हर महीने पेंशन फंड में जाता है। कोई एंप्लॉयी पेंशन का हकदार तब होता है, जब वह कम से कम 10 साल तक ईपीएस का सदस्य होता है। पेंशन का फॉर्मूला इस तरह है। पेंशन=(पेंशनेबल सैलरी(पिछले 60 महीने की सैलरी का एवरेज)X पेंशनेबल सर्विस)/70 ।

एंप्लॉयी के निधन के बाद कितनी पेंशन मिलती है?

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