एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) ने सब्सक्राइबर्स के पैसे निकालने के नियमों को आसान बना दिया है। पहले पैसे निकालने के लिए कई शर्तें थीं। अब सिर्फ तीन कैटेगरीज तय की गई हैं। ईपीएफओ ने यह बदलाव सब्सक्राइबर्स की सुविधा के लिए किया है। लेकिन, इससे सब्सक्राइबर्स की दिलचस्पी अपने रिटायरमेंट फंड का पैसा निकालने में बढ़ सकती है।
रिटायरमेंट फंड तैयार करना है EPF का मकसद
ईपीएफ का मकसद एंप्लॉयी के लिए रिटायरमेंट फंड तैयार करना है। ईपीएफ में एंप्लॉयी का कंट्रिब्यूशन जितने लंबे समय के लिए होता है, उसका रिटायरमेंट फंड उतना बड़ा होता है। लंबी अवधि में कंपाउंडिंग की वजह से पैसा तेजी से बढ़ता है। इसलिए सब्सक्राइबर्स को यह समझने की जरूरत है कि भले ही ईपीएफओ ने विड्रॉल के नियमों को आसान बना दिया है। लेकिन, बहुत जरूरी होने पर ही उन्हें ईपीएफ से पैसे निकालने के बारे में सोचना चाहिए।
रिटायरमेंट पर ईपीएफ में जमा पैसा मिल जाता है
ईपीएफ के नियमों के तहत सब्सक्राइबर को रिटायरमेंट पर ईपीएफ में जमा पैसा मिल जाता है। रिटायरमेंट की उम्र 58 साल या 60 साल हो सकती है। कुछ स्थितियों में पहले भी पूरा पैसा निकालने की इजाजत है। इनमें वॉलेंटरी रिटायरमेंट, स्थाई विकलांगता या विदेश में सेटल होने के लिए देश छोड़ना शामिल हैं। इन स्थितियों में यह माना जाता है कि ईपीएफ के अकाउंट का मकसद पूरा हो गया है।
नौकरी छूट जाने पर 75 फीसदी विड्रॉल की इजाजत
नौकरी छूटने पर भी विड्रॉल की इजाजत है। लेकिन, पूरा पैसा एक बार में नहीं निकाला जा सकता। नौकरी जाने पर 75 फीसदी पैसा तुरंत निकाला जा सकता है। बाकी 25 फीसदी तब निकाला जा सकता है, जब व्यक्ति लगातार 12 महीनों तक बेरोजगार रहता है। 75 फीसदी पैसा निकालने की इजाजत इसलिए दी गई है ताकि व्यक्ति को नौकरी जाने पर आर्थिक मदद मिल जाए। इससे उसे दूसरों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ती है।
घर खरीदने और इलाज के लिए भी पैसा निकालने की इजाजत
घर खरीदने या बनवाने के लिए ईपीएफ से पैसे निकाले जा सकते हैं। 5 साल की नौकरी पूरी होने के बाद सब्सक्राइबर ईपीएफ में जमा 90 फीसदी तक पैसा निकाल सकता है। होम लोन का रीपेमेंट 10 साल की नौकरी के बाद करने की इजाजत है। घर के मरम्मत के लिए दो बार ईपीएफ फंड से पैसे निकाले जा सकते हैं। मेडिकल इमर्जेंसी की स्थिति में भी पैसे निकाले जा सकते है। इसके लिए मिनिमम सर्विस की शर्त लागू नहीं होती है। सब्सक्राइबर खुद, पत्नी/पति, माता-पिता या बच्चों के इलाज के लिए पैसे निकाल सकता है।
एजुकेशन और शादी के लिए भी विड्रॉल की इजाजत
एजुकेशन और शादी के लिए पैसे निकालने के लिए शर्त यह है कि नौकरी 7 साल पूरी होनी चाहिए। इस मकसद के लिए सब्सक्राइबर अपने कंट्रिब्यूशन का 50 फीसदी पैसा निकाल सकता है। रिटायरमेंट से पहले भी विड्रॉल की इजाजत है। इसके लिए सब्सक्राइबर की उम्र 54 साल होनी चाहिए। सब्सक्राइबर रिटायरमेंट से पहले के एक साल के अंदर भी पैसे निकाल सकता है। ऐसी स्थिति में 90 फीसदी विड्रॉल की इजाजत है।
5 साल से कम की नौकरी पर विड्रॉल पर लगेगा टैक्स
ईपीएफ से पैसे निकालने से पहले टैक्स से जुड़े मसलों को समझ लेना जरूरी है। अगर सब्सक्राइबर लगातार 5 साल काम करने के बाद पैसे निकालता है तो उसे टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा। अगर नौकरी 5 साल पूरे होने से पहले पैसा निकाला जाता है तो उस पर टैक्स चुकाना होगा। 30,000 रुपये से ज्यादा विड्रॉल पर टीडीएस लागू होता है। पैन के साथ यह डिडक्शन 10 फीसदी होगा।