EPFO wage Limit: ईपीएफ पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए 15000 रुपये की वेज लिमिट बढ़ने का आप पर पड़ेगा क्या असर

EPFO wage Limit: सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नवीन प्रकाश नौटियाल की याचिका पर यह फैसला दिया। याचिका में कहा गया है कि ईपीएफ की मौजूदा वेज लिमिट 2014 से नहीं बढ़ाई गई है। इस दौरान वेजेज यानी सैलरी में खासा इजाफा हुआ है। खासकर शहरी इलाकों में वेजेज काफी बढ़ा है

अपडेटेड Jan 08, 2026 पर 1:55 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने ईपीएफओ को चार महीने में इस बारे में फैसला लेने को कहा है। इसका मतलब है कि ईपीएफओ को यह लिमिट बढ़ानी होगी।

सुप्रीम कोर्ट ने ईपीएफ को लेकर बड़ा फैसला दिया है। उसने एंप्लॉयीज प्रोविडेंट ऑर्गेनाइजेशन (ईपीएफओ) को ईपीएफ स्कीम में एनरॉलमेंट के लिए 15,000 रुपये की मंथली वेज लिमिट में बदलाव करने को कहा है। इसका असर प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले एंप्लॉयीज की रिटायरमेंट सेविंग्स पर पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ईपीएफओ को चार महीने में इस बारे में फैसला लेने को कहा है। इसका मतलब है कि ईपीएफओ को यह लिमिट बढ़ानी होगी।

ईपीएफ वेज लिमिट 2024 से नहीं बढ़ाई गई है

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नवीन प्रकाश नौटियाल की याचिका पर यह फैसला दिया। याचिका में कहा गया है कि ईपीएफ की मौजूदा वेज लिमिट 2014 से नहीं बढ़ाई गई है। इस दौरान वेजेज यानी सैलरी में खासा इजाफा हुआ है। खासकर शहरी इलाकों में वेजेज काफी बढ़ा है।


वेज लिमिट बढ़ने से कंट्रिब्यूशन में होगा इजाफा

ईपीएफ वेज सीलिंग से यह तय होता है कि एंप्लॉयी की सैलरी का कितना हिस्सा प्रोविडेंट फंड में कंट्रिब्यूट होगा। अभी एंप्लॉयर की बेसिक सैलरी (प्लस डीए) का 12 फीसदी हिस्सा हर महीने उसके ईपीएफ अकाउंट में जाता है। इतना ही पैसा एंप्लॉयर हर महीने एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में कंट्रिब्यूट करता है। इसके लिए 15,000 रुपये की लिमिट है। एंप्लॉयी के स्वैच्छिक रूप से हायर कंट्रिब्यूशन का विकल्प सेलेक्ट करने पर ही कंट्रिब्यूशन बढ़ता है।

एंप्लॉयीज की रिटायरमेंट सेविंग्स भी बढ़ जाएगी

एंप्लॉयर के 12 फीसदी कंट्रिब्यूशन में से 8.33 फीसदी एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPS) में जाता है। बाकी 3.67 फीसदी एंप्लॉयी के ईपीएफ अकाउंट में जाता है। वेज सीलिंग बढ़ने से एंप्लॉयीज का कंट्रिब्यूशन अपने आप बढ़ जाएगा। इसके उनकी रिटायरमेंट सेविंग्स और पेंशन बेनेफिट्स भी बढ़ जाएगा। अंतिम बार वेज लिमिट 2014 में बढ़ाई गई थी। उसके बाद सैलरी काफी बढ़ गई है, लेकिन कई एंप्लॉयीज का ईपीएफ कंट्रिब्यूशन स्थिर बना हुआ है।

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सुप्रीम कोर्ट के फैसले से एंप्लॉयीज को फायदा

ईपीएफ की वेज सीलिंग बढ़ने से प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लोगों का रिटायरमेंट फंड बढ़ जाएगा। खासकर मिडिल इनकम ब्रैकेट में आने वाले लोगों पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा। कर्मा मैनेजमेंट ग्लोबल कंसल्टिंग सॉल्यूशंस के एमडी प्रतीक वैद्य ने कहा, "ईपीएफ वेज लिमिट बढ़ने से ईपीएफ में मंथली कंट्रिब्यूशन बढ़ जाएगा। इससे लंबी अवधि में रिटायरमेंट कॉर्पस भी बढ़ जाएगा।" रिटायरमेंट फंड के लिहाज से यह एंप्लॉयीज के लिए अच्छी खबर है।

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