भारत में मेडिकल खर्च लगातार बढ़ रहे हैं, और इसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ता है जो पहले से ही शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। दिव्यांगजन के लिए इलाज, दवाइयों और नियमित मेडिकल चेकअप का खर्च अक्सर उनकी आय से कहीं ज्यादा होता है। ऐसे में उनके लिए एक मजबूत फाइनेंशियल सेफ्टी नेट बनाना बेहद जरूरी हो जाता है।
