इंडिया में इनवेस्टर्स डेट (जैसे बॉन्ड्स) और फिक्स्ड-इनकम सिक्योरिटीज (Fixed Income Securities) के मुकाबले शेयरों (Equity) में निवेश करना ज्यादा पसंद करते हैं। अमेरिका जैसे विकसित देशों में फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में ज्यादातर इनवेस्टर्स निवेश करते हैं। फ्रैंकलिन टेंपलटन (Franklin Templeton) के कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट में फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज की हिस्सेदारी करीब 4 फीसदी है। 32-33 फीसदी इक्विटी में है और करीब 18 फीसदी अल्टरनेटिव एसेट्स में है। फैंकलिन टेंपलटन फिक्स्ड इनकम की चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर सोनल देसाई (Sonal Desai) ने मनीकंट्रोल से निवेश, इनफ्लेशन, इंटरेस्ट रेट सहित कई मसलों पर खुलकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि अमेरिका में फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का असर इंडिया पर नहीं पड़ेगा। फेडरल रिजर्व अगले महीने की शुरुआत में इंटरेस्ट रेट के बारे में फैसला लेगा।
