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फ्लैट खरीदने जा रहे हैं? एग्रीमेंट लेटर पर साइन करने से पहले इन 10 बातों का जरूर रखें ध्यान

फ्लैट खरीदने वक्त ग्राहक को एग्रीमेंट लेटर पर साइन करना होता है। यह एग्रीमेंट बिल्डर और ग्राहक के बीच होता है। यह एक कानूनी डॉक्युमेंट है, जिसमें शामिल नियम और शर्तें बिल्डर और ग्राहक दोनों पर लागू होती हैं। आम तौर पर इसका मकसद ग्राहक के हितों की सुरक्षा करना है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 16, 2024 पर 6:20 PM
फ्लैट खरीदने जा रहे हैं? एग्रीमेंट लेटर पर साइन करने से पहले इन 10 बातों का जरूर रखें ध्यान
पेमेंट का प्लान स्पष्ट होना चाहिए। इसमें एडवान्स अमाउट, इंस्टॉलमेंट के साथ ही हर पेमेंट की ड्यू डेट होनी चाहिए।

फ्लैट खरीदने में ग्राहक को बिल्डर के एग्रीमेंट लेटर पर हस्ताक्षर करना होता है। यह एक कानूनी डॉक्युमेंट है, जिसमें शामिल नियम और शर्तें बिल्डर और ग्राहक दोनों पर लागू होती हैं। आम तौर पर इसका मकसद ग्राहक के हितों की सुरक्षा करना है। लेकिन बिल्डर इसमें ऐसी कई शर्तें शामिल करते हैं, जो उनके हितों की सुरक्षा से जुड़ी होती हैं। आम तौर पर किसी ग्राहक के लिए एग्रीमेंट में शामिल सभी नियम और शर्तों को पढ़ना और समझना मुश्किल होता है। फिर भी, ग्राहक को निम्निलिखित बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

1. प्रोजेक्ट की बुनियादी बातें

ग्राहक को एग्रीमेंट लेटर पर हस्ताक्षर करने से पहले प्रोजेक्ट के नाम और पत्ते को चेक कर लेना चाहिए। एग्रीमेंट लेटर में इन दोनों चीजों का उल्लेख जरूरी है। उसके बाद आपका फ्लैट नंबर भी इसमें होना चाहिए। फ्लैट का साइज, कारपेट एरिया, सुपर बिल्ट-अप एरिया का स्पष्ट उल्लेख एग्रीमेंट लेटर में होना चाहिए। उसके बाद सबसे अहम पेजशन डेट है। इसका मतलब उस तारीख से है जब बिल्डर फ्लैट ग्राहक को सौंपेगा। आम तौर पर पजेशन में देर होने पर बिल्डर ग्राहक को मुआवजा देते हैं। इस बात का उल्लेख भी एग्रीमेंट लेटर में होना चाहिए।

2. पेमेंट शिड्यूल

पेमेंट का प्लान स्पष्ट होना चाहिए। इसमें एडवान्स अमाउट, इंस्टॉलमेंट के साथ ही हर पेमेंट की ड्यू डेट होनी चाहिए। ग्राहक को इस बात पर खास ध्यान देना जरूरी है कि क्या एग्रीमेंट लेटर में ऐसी कोई शर्त है जिसमें कहा गया है कि बिल्डर के पास किसी समय फ्लैट की प्राइस बढ़ाने का अधिकार होगा। अगर ऐसी शर्त है तो उसे समझना जरूरी है। आम तौर पर ग्राहक को ऐसी शर्तों के बारे में पता नहीं होता है। फिर बाद में प्राइस बढ़ाने के बाद बिल्डर इस शर्त का हवाला देता है।

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