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FREED के CEO रितेश श्रीवास्तव ने कर्ज के बढ़ते जाल के बारे में चेताया, कहा- युवा महंगी लाइफस्टाइल के लिए कर्ज के जाल में फंस रहे

लोग मोबाइल फोन तक खरीदने के लिए कर्ज ले रहे हैं। क्रेडिट कार्ड और 'Buy now Pay later' जैसी स्कीमों से कर्ज लेने की आदत को बढ़ावा मिल रहा है। धीरे-धीरे व्यक्ति कर्ज के जाल में फंसने लगता है। खतरनाक बात यह है कि ज्यादातर युवाओं को यह पता नहीं है कि वह कर्ज के जाल में फंस चुके हैं

Curated By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Mar 02, 2023 पर 3:36 PM
FREED के CEO रितेश श्रीवास्तव ने कर्ज के बढ़ते जाल के बारे में चेताया, कहा- युवा महंगी लाइफस्टाइल के लिए कर्ज के जाल में फंस रहे
FREED के सीईओ रितेश श्रीवास्तव का कहना है कि लोगों के कर्ज लेने से जुड़े आंकड़े परेशान करने वाले हैं। सितंबर 2018 में लोगों ने कुल 19.55 लाख करोड़ रुपये का पर्सनल लोन लिया था। यह सितंबर 2022 में बढ़कर 35.98 लाख करोड़ रुपये हो गया।

क्या आप अपने क्रेडिट कार्ड के बिल को पूरा चुकाने की जगह कैरी-फॉरवर्ड करते हैं, आप छोटी-बड़ी चीजों को खरीदने के लिए पर्सनल लोन (Personal Loan) लेते हैं? आप ई-कॉमर्स कंपनियों की साइट पर उपलब्ध 'बाय नाउ पे लेटर' (BNPL) फैसिलिटी का इस्तेमाल करते हैं? अगर इन सवालों के जवाब हां है तो आपको कर्ज लेने की अपनी आदत के बारे में एक बार सोचने की जरूरत है। दरअसल, इडिया में लोगों खासकर युवाओं की लाइफस्टाइल तेजी से बदल रही है। वे इसके लिए खुलकर कर्ज ले रहे हैं। RBI के डेटा से इसकी पुष्टि होती है।

क्या बताता है RBI का डेटा?

RBI के मुताबिक, सितंबर 2018 में लोगों ने कुल 19.55 लाख करोड़ रुपये का पर्सनल लोन लिया था। यह सितंबर 2022 में बढ़कर 35.98 लाख करोड़ रुपये हो गया। यह सिर्फ 4 साल में 84% ग्रोथ है। FREED के सीईओ रितेश श्रीवास्तव का कहना है कि यह आंकड़े परेशान करने वाले हैं। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने इस समस्या के कई पहलुओं के बारे में बताया।

लोगों को कर्ज के जाल में फंसने का पता नहीं होता

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