F&F Settlement Rule 2026: 1 अप्रैल 2026 से नौकरी करने वाले लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। नए लेबर नियमों के तहत अब कंपनियों को किसी भी कर्मचारी का फुल एंड फाइनल (F&F) सेटलमेंट उसकी आखिरी वर्किंग डे के सिर्फ 2 वर्किंग डे के अंदर पूरा करना होगा। पहले जहां यह प्रक्रिया में 45 दिनों से ज्यादा का समय लगता था। अब यह काम 2 दिनों में करना अनिवार्य होगा।
क्या बदला है नए नियम में?
अब तक कंपनियों के पास F&F सेटलमेंट के लिए कोई सख्त टाइम लिमिट नहीं थी। कई बार कर्मचारियों को अपना बकाया पैसा पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। लेकिन अब नए नियम के अनुसार, इस्तीफा, नौकरी से निकाले जाने या लेऑफ हर स्थिति में कंपनी को 2 दिन के अंदर सैलरी, लीव एन्कैशमेंट, बोनस और बाकी सभी बकाया रकम चुकानी होगी।
कर्मचारियों के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव?
यह नियम खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है जो नौकरी बदल रहे होते हैं। पहले F&F में देरी होने से उनकी फाइनेंशियल प्लानिंग बिगड़ जाती थी। कई बार नई नौकरी शुरू होने के बावजूद पुरानी कंपनी से पैसा नहीं मिलता था, जिससे परेशानी बढ़ती थी। अब 2 दिन में सेटलमेंट होने से उन्हें समय पर पैसा मिलेगा और वह बिना तनाव के आगे बढ़ सकेंगे।
इस नियम से कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा पारदर्शिता और भरोसे के रूप में मिलेगा। अब कंपनियां देरी नहीं कर पाएंगी और कर्मचारियों को बार-बार फॉलोअप नहीं करना पड़ेगा। यह बदलाव लंबे समय से चली आ रही एक बड़ी समस्या को खत्म करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
कंपनियों के सामने क्या चुनौतियां होंगी?
हालांकि यह नियम कर्मचारियों के लिए अच्छा है, लेकिन कंपनियों के लिए इसे लागू करना आसान नहीं होगा। F&F सेटलमेंट में जैसे अटेंडेंस चेकिंग, छुट्टियों का हिसाब, टैक्स कटौती और अलग-अलग विभागों से क्लियरेंस। अब इन सभी कामों को 2 दिन में पूरा करना कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
बोनस और इंसेंटिव का क्या होगा?
कुछ मामलों में जैसे परफॉर्मेंस बोनस या इंसेंटिव तुरंत तय नहीं हो पाते। ऐसे में माना जा रहा है कि फिक्स पेमेंट तो 2 दिन में हो जाएगा, लेकिन कुछ वेरिएबल पेमेंट बाद में दिए जा सकते हैं, यह कंपनी की पॉलिसी पर निर्भर करेगा। आईटी, स्टार्टअप, रिटेल और गिग सेक्टर जैसे क्षेत्रों में जहां कर्मचारियों का आना-जाना ज्यादा होता है, वहां इस नियम का बड़ा असर देखने को मिलेगा।