सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत के बड़े राज्यों की अर्थव्यवस्था में दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक और गुजरात देश की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। इनमें महाराष्ट्र अब भी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है, लेकिन पिछले चार सालों में इसकी विकास दर अन्य राज्यों के मुकाबले धीमी रही है।
महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था कितनी बड़ी
वित्त वर्ष 2024-25 में महाराष्ट्र का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) करीब 42.67 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। साल 2021-22 में यह करीब 29.81 लाख करोड़ रुपये था। यानी चार साल में इसमें करीब 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था में करीब 12.86 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, जो इन चारों राज्यों में सबसे ज्यादा है।
कर्नाटक सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य
इन चार राज्यों में कर्नाटक की अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से बढ़ी है। 2021-22 में कर्नाटक का GSDP करीब 17.02 लाख करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर लगभग 28.09 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यानी इस दौरान करीब 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एक्सपर्ट का कहना है कि आईटी और सर्विस सेक्टर की तेजी ने कर्नाटक की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है।
गुजरात और तमिलनाडु की मजबूत बढ़त
गुजरात की अर्थव्यवस्था भी तेजी से बढ़ी है। 2021-22 में राज्य का GSDP लगभग 18.79 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 27.90 लाख करोड़ रुपये हो गया है। इस दौरान करीब 48 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था में भी करीब 47 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और इसका GSDP बढ़कर लगभग 31.55 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
आकार के मामले में महाराष्ट्र आगे
हालांकि विकास दर कम रहने के बावजूद महाराष्ट्र आकार के मामले में अभी भी सबसे आगे है। 2024-25 में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था तमिलनाडु से करीब 11 लाख करोड़ रुपये बड़ी है। वहीं गुजरात से लगभग 14 लाख करोड़ रुपये और कर्नाटक से करीब 15 लाख करोड़ रुपये ज्यादा है।
निवेश और इंडस्ट्री से मिल रही रफ्तार
एक्सपर्ट का कहना है कि दक्षिणी राज्यों में बढ़ते निवेश, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और आईटी सेक्टर की वजह से उनकी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि ये राज्य देश की सबसे बड़ी अर्थव्यस्था महाराष्ट्र के करीब पहुंचने लगे हैं।