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गोल्ड लोन में बढ़ी दिलचस्पी, कोटक बैंक के श्रीपद जाधव से जानिए गोल्ड लोन से जुड़े अपने हर सवाल का जवाब

दूसरे लोन के मुकाबले बैंक या एनबीएफसी से गोल्ड लोन लेने की प्रक्रिया काफी आसान है। इसमें डॉक्युमेंटेशन की कम जरूरत पड़ती है। साथ ही गोल्ड लोन चुकाने के नियम बहुत आसान है। इससे लोन लेने वाले ग्राहक पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ता है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 06, 2024 पर 11:06 PM
गोल्ड लोन में बढ़ी दिलचस्पी, कोटक बैंक के श्रीपद जाधव से जानिए गोल्ड लोन से जुड़े अपने हर सवाल का जवाब
आरबीआई के मुताबिक, 22 मार्च, 2024 को गोल्ड लोन आउटस्टैंडिंग 1.03 लाख करोड़ रुपये था। यह एक साल पहले के मुकाबले 15 फीसदी ज्यादा है।

गोल्ड लोन में ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है। आरबीआई के मुताबिक, 22 मार्च, 2024 को गोल्ड लोन आउटस्टैंडिंग 1.03 लाख करोड़ रुपये था। यह एक साल पहले के मुकाबले 15 फीसदी ज्यादा है। कोटक महिंद्रा बैंक गोल्ड लोन की बढ़ती मांग का फायदा उठाना चाहता है। उसने करीब दो साल पहले गोल्ड लोन देना शुरू किया था। अब यह बैंक करीब 90 शहरों में ग्राहकों को गोल्ड लोन दे रहा है। कोटक महिंद्रा बैंक के प्रेसिडेंट (रिटेल एग्रीकल्चर एंड गोल्ड लोन) श्रीपद जाधव से मनीकंट्रोल ने बैंक के प्लान सहित कई मसलों पर बातचीत की। उनसे पूछा कि गोल्ड लोन में दिलचस्पी बढ़ने का क्या कारण है।

सबसे ज्यादा 5 लाख तक के गोल्ड लोन की मांग

जाधव ने कहा कि सोने की बढ़ती कीमतों के कारण गोल्ड लोन का साइज बढ़ा है। जिन लोगों के पास काफी सोना है, वे इसका फायदा उठा रहे हैं। सबसे ज्यादा ग्रोथ 10 लाख रुपये से ज्यादा के गोल्ड लोन में है। कुल गोल्ड में इस सेगमेंट की करीब 7 फीसदी हिस्सेदारी है। 5-10 लाख के गोल्ड लोन (Gold loan) की ग्रोथ भी अच्छी है। लेकिन, कुल गोल्ड लोन में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी 5 लाख और इससे कम के गोल्ड लोन की है। इसकी हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी है।

सोने की कीमतें बढ़ने पर बढ़ जाती है गोल्ड की मांग

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