Gold Rate Today In India: डॉलर की मजबूती और ताबड़तोड़ रैली के बाद मुनाफावसूली के चलते सोने और चांदी की चमक आज भी फीकी पड़ी है। आज लगातार दूसरे दिन इनके भाव फीके हुए हैं। गोल्ड की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद आज इसके भाव लगातार दूसरे दिन कम हुए। राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट गोल्ड प्रति दस ग्राम ₹10 और 22 कैरट गोल्ड भी ₹10 सस्ता हुआ है। दो दिन में 24 कैरट गोल्ड के भाव प्रति दस ग्राम ₹7420 और 22 कैरट गोल्ड के भाव ₹6810 सस्ते हुए हैं। अब चांदी की बात करें तो एक किलो चांदी भी दिल्ली में लगातार दूसरे दिन सस्ती हुई है। एक दिन की स्थिरता के बाद दो दिनों में एक किलो चांदी ₹50,100 सस्ती हुई है।
देश के 10 बड़े शहरों में 18 कैरट, 22 कैरट और 24 कैरट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत क्या है, आइए जानते हैं...
एक दिन की स्थिरता के बाद चांदी लगातार दूसरे दिन फिर फिसली
चांदी की बात करें तो एक दिन की स्थिरता के बाद लगातार दो दिनों में दिल्ली में इसके भाव प्रति किग्रा ₹50,100 कम हुए हैं। इससे पहले एक दिन इसके भाव स्थिर थे और उससे पहले लगातार दो दिनों में एक किलो चांदी ₹60,000 सस्ती हुई थी। आज की बात करें तो दिल्ली में इसके भाव प्रति किग्रा ₹100 कम हुए हैं और ₹2,99,900 के भाव में बिक रही है। बाकी अहम महानगरों की बात करें तो चेन्नई, मुंबई और कोलकाता में भी यह इसी भाव पर बिक रही है।
क्या कहना है एक्सपर्ट का?
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट-रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतिन त्रिवेदी (Jateen Trivedi) रिकॉर्ड हाई से आई गिरावट, मार्जिन बढ़ोतरी और मुनाफावसूली के चलते बाजार में फिलहाल बेहद ज्यादा वोलैटिलिटी बनी हुई है। कमोडिटी एक्सपर्ट एनएस रामास्वामी के मुताबिक सोना और चांदी में आई हालिया गिरावट जरूरत से ज्यादा तेजी के बाद एक नेचुरल 'शेकआउट' है। उनका कहना है कि डॉलर में मजबूती ने कुछ बिकवाली को जरूर ट्रिगर किया, लेकिन सोने का मजबूत बुल केस अब भी बरकरार है। इसे सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी, जियो-पॉलिटिकल रिस्क और पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन की मांग का सपोर्ट मिल रहा है। रामास्वामी के मुताबिक साल 2025 की चौथी तिमाही में सेंट्रल बैंकों ने करीब 230 टन सोना खरीदा था और इस साल 2026 में यह खरीद 800 टन से अधिक रहने की उम्मीद है। उनका मानना है कि मौजूदा उतार-चढ़ाव से गुजरने के बाद गोल्ड इस साल फिर नए हाई पर पहुंच सकता है।
वहीं चांदी में अधिक गिरावट की वजह रामास्वामी ने मार्जिन जरूरतों में बढ़ोतरी को बताया, जिससे लीवरेज लेकर पोजिशन बनाने वाले ट्रेडर्स को मजबूरी में पोजिशन काटनी पड़ी। उनके मुताबिक फिलहाल चांदी $72 से $78 के दायरे में घूम सकती है और जब तक यह मजबूती से $80 के ऊपर नहीं टिकतीं, तब तक कोई बड़ा ब्रेकआउट मुश्किल है। सैम्को सिर्योरिटीज के अपूर्व सेठ का कहना है कि तेज उतार-चढ़ाव के बावजूद सोने का लॉन्ग टर्म ट्रेंड अब भी ऊपर की ओर है और यह अब भी हायर हाई और हायर लो बना रहा है। उनका मानना है कि मजबूत निवेशक हर गिरावट पर खरीदारी कर रहे हैं और अनुमान लगाया है कि आने वाले महीनों में गोल्ड प्रति दस ग्राम ₹1.32 लाख से ₹1.80 लाख के दायरे में कंसोलिडेट कर सकता है।
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