गोल्ड में 3 फरवरी को उतारचढ़ाव देखने को मिला। पहले कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स में नरमी दिखी। लेकिन, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के बाद गोल्ड में अच्छी खरीदारी हुई। इससे एमसीएक्स में गोल्ड की कीमतें 82,815 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। पहले बार एमसीएक्स में गोल्ड इस लेवल पर पहुंचा है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में कमोडिटी और करेंसी के हेड अनुज गुप्ता ने कहा कि शुरुआत में डॉलर में मजबूती से गोल्ड (Gold) में नरमी देखने को मिली। लेकिन, डॉलर दो साल के सबसे ऊंचे लेवल पर टिक नहीं सका। डॉलर में कमजोरी आने पर सोने में खरीदारी बढ़ी। डॉलर में कमजोरी से विदेशी मुद्रा में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डॉलर में उतारचढ़ाव का असर सोने पर देखने को मिलेगा।
अमेरिका के टैरिफ लगाने से डॉलर में आई थी तेजी
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा, मैक्सिको और चीन पर टैरिफ लगाने से 3 जनवरी को डॉलर में तेजी आई थी। इससे गोल्ड की कीमतें करीब 1 फीसदी तक गिर गई थीं। स्पॉट गोल्ड 0.9 फीसदी गिरकर 2,776.05 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स में भी नरमी देखने को मिली थी। यह 0.9 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,820.80 डॉलर प्रति औंस तक आ गया था।
3000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है गोल्ड
डोनाल्ड ट्रंप ने 1 फरवरी को कनाडा और मैक्सिको पर 25-25 फीसदी और चीन पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। इसका असर डॉलर और क्रूड के साथ ही दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिखा। 3 जनवरी को इंडिया सहित एशिया शेयर बाजार कमजोरी के साथ खुले। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ट्रेड वॉर बढ़ता है तो गोल्ड में तेजी देखने को मिल सकती है। सिटी ने गोल्ड की कीमतें 3,000 डॉलर प्रति औंस के बार पहुंच जाने की उम्मीद जताई है।
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गोल्ड में तेजी जारी रहने के आसार
एनालिस्ट्स का कहना है कि कनाडा और मैक्सिको ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी इंपोर्ट पर टैरिफ लगा दिया है। चीन के भी ऐसा करने के आसार हैं। अगर टैरिफ वॉर बढ़ता है तो इसका असर गोल्ड सहित कई कमोडिटी की कीमतों पर देखने को मिल सकता है। इंडिया दुनिया में गोल्ड का दूसरे सबसे कंज्यूमर है। गोल्ड को निवेश के लिए सबसे सुरक्षित एसेट माना जाता है। दुनिया में उथलपुथल बढ़ने पर सोने में तेजी आती है।