Gold Silver Prices: इस हफ्ते सोने-चांदी की कीमतों पर रहेगा दबाव! एक्सपर्ट ने बताई वजह
Gold Silver Prices: इस हफ्ते सोना और चांदी कई बड़े फैक्टर्स के दबाव में रह सकते हैं। फेड की बैठक, अमेरिका-ईरान बातचीत, कच्चे तेल और डॉलर की मजबूती बाजार की दिशा तय करेंगे। जानिए आगे कीमतों में क्या ट्रेंड रह सकता है।
इस हफ्ते सबसे ज्यादा फोकस अमेरिका-ईरान के बीच चल रही बातचीत पर रहेगा।
Gold Silver Prices: सोना और चांदी इस हफ्ते दबाव में रह सकते हैं, क्योंकि बाजार की नजर एक साथ कई बड़े फैक्टर्स पर है। जैसे कि अमेरिका-ईरान की बातचीत, कच्चे तेल की कीमतें और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी। ट्रेडिंग हफ्ता भी छोटा रहेगा, क्योंकि महाराष्ट्र डे के चलते शुक्रवार को घरेलू कमोडिटी बाजार बंद रहेंगे।
किन फैक्टर्स पर रहेगी नजर
JM फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रणव मेर के मुताबिक, इस हफ्ते सबसे ज्यादा फोकस अमेरिका-ईरान के बीच चल रही बातचीत पर रहेगा। इसका असर सीधे तेल, सोना और ग्लोबल बाजारों पर पड़ सकता है।
इसके अलावा निवेशक अमेरिका के फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ जापान, बैंक ऑफ इंग्लैंड और यूरोपियन सेंट्रल बैंक के फैसलों पर भी नजर रखेंगे। अमेरिका से आने वाले हाउसिंग डेटा, PCE महंगाई, कंज्यूमर कॉन्फिडेंस और बड़े देशों के फैक्ट्री डेटा भी बाजार का मूड तय करेंगे।
फेड की बैठक क्यों अहम
29 अप्रैल को होने वाली FOMC बैठक खास मानी जा रही है। यह जेरोम पॉवेल की अध्यक्षता में आखिरी बैठक हो सकती है, इसलिए इसके बाद आने वाले संकेत सोना-चांदी की दिशा तय कर सकते हैं।
घरेलू बाजार में क्या हुआ
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना करीब 1,910 रुपये यानी 1.23% गिरकर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं चांदी में ज्यादा गिरावट देखने को मिली और यह 12,506 रुपये यानी 4.9% टूटकर 2.44 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। हालांकि रुपये में करीब 1.4% की कमजोरी के कारण सोने की गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
कॉमेक्स पर सोना 138.7 डॉलर यानी 2.8% गिरकर 4,740.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं चांदी 5.4 डॉलर यानी 6.6% टूटकर 76.41 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।
एनालिस्ट्स के मुताबिक, सोना 5,000 डॉलर के स्तर को पार नहीं कर सका, जिसके बाद मुनाफावसूली देखने को मिली। इससे पहले चार हफ्तों में इसमें 10-12% की तेजी आई थी।
तेल, डॉलर और बॉन्ड यील्ड का असर
अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई हैं।
साथ ही अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड मजबूत बने हुए हैं। मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने डॉलर को सपोर्ट दिया। जैसे रिटेल सेल्स, जॉब्लेस क्लेम्स और कंज्यूमर सेंटिमेंट। इससे सोना और चांदी पर दबाव बना।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड
एनालिस्ट्स का मानना है कि सोने को निचले स्तरों पर कुछ सपोर्ट मिल सकता है। लेकिन अगर डॉलर मजबूत रहता है और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो इसमें और गिरावट आ सकती है। वहीं चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, क्योंकि यह कीमती धातु होने के साथ-साथ औद्योगिक धातु भी है।
हालांकि, अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या बड़े सेंट्रल बैंक नरम रुख अपनाते हैं, तो सोना-चांदी में फिर से खरीदारी देखने को मिल सकती है।
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