इस साल गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में रिकॉर्ड ऊंचाई से बड़ी गिरावट आई है। इसका असर गोल्ड-सिल्वर रेशियो पर भी पड़ा है। इस रेशियो के बढ़ने से इनवेस्टर्स शॉर्ट टर्म और मीडियम टर्म की अपनी ऐलोकेशन स्ट्रेटेजी पर फिर से विचार कर रहे हैं। इस साल जनवरी के अंत में गोल्ड-सिल्वर रेशियो गिरकर 47 के करीब आ गया था। यह इस बात का संकेत था कि सिल्वर की वैल्यू गोल्ड से ज्यादा है। उसके बाद सोने और चांदी में तेज गिरावट से यह रेशियो 63-65 की रेंज में है। यह सिल्वर के मुकाबले गोल्ड के ज्यादा अट्रैक्टिव होने का संकेत है।
