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NRI और अमीर भारतीयों की बढ़ रही गोल्डन वीजा प्रोग्राम में दिलचस्पी, जानिए इनवेस्टमेंट करने से किन-किन देशों की रेजिडेंसी मिल सकती है

रेजिडेंसी और सिटीजनशिप प्रोग्राम कई तरह के बेनेफिट्स ऑफर करते हैं। इनमें ईज ऑफ एक्सेस, वीजा-फ्री ट्रैवेल और लॉन्ग टर्म रेजीडेंसी एंड सिटीजनशिप शामिल हैं। भारतीय लोगों को ऐसे देशों की सिटीजनशिप मिल जाती है, जहां पॉलिटिकिल और इकोनॉमिक स्टैबिलिटी है, निवेश के मौके हैं, अंग्रेजी बोलने वाली आबादी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 27, 2024 पर 1:31 PM
NRI और अमीर भारतीयों की बढ़ रही गोल्डन वीजा प्रोग्राम में दिलचस्पी, जानिए इनवेस्टमेंट करने से किन-किन देशों की रेजिडेंसी मिल सकती है
दुनियाभर में 2011-12 के दौरान इनवेस्टमेंट के जरिए रेजिडेंसी हासिल करने का चलन शुरू हुआ था।

इंडिया में अमीर लोगों की दिलचस्पी विदेश में रियल एस्टेट में इनवेस्ट करने में बढ़ रही है। बड़ी संख्या में इंडिया के अमीर लोगों ने लंदन में प्रॉपर्टी में निवेश किया है। हाल में यूनाइटेड किंग्डम ने अपने गोल्डन वीजा प्रोग्राम को खत्म कर दिया है। विदेश में प्रॉपर्टी में इंडियन लोगों के निवेश करने की कई वजहें हैं। इनमें ग्लोबल एक्सेस, एसेट डायवर्सिफिकेशन, बेहतर लाइफ स्टाइल का ऑप्शन और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्ट्रेटेजिक प्लानिंग शामिल है।

क्या है गोल्डन वीजा प्रोग्राम?

कई अमीर भारतीय दूसरे देश की नागरिकता हासिल करने के लिए भी वहां रियल एस्टेट में निवेश करते हैं। 'गोल्डन वीजा' जैसे प्रोग्राम अमीर भारतीयों को दूसरे देश की नागरिकता हासिल करने का मौका उपलब्ध कराते हैं। कई देशों के प्रोग्राम इनवेस्टमेंट के जरिए सेकेंड रेजिडेंसी हासिल करने की इजाजत देते हैं। रेजिडेंसी एंड सिटीजनशिप की कंसल्टेंट और एडवाइजर शालिनी लामा के मुताबिक, इंडियन लोगों की सबसे ज्यादा दिलचस्पी ग्रीस, तुर्की, कैरिबियन देशों, माल्टा और स्पेन में रियल एस्टेट में निवेश करने में रही है।

गोल्डन वीजा प्रोग्राम के फायदे

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