डेट ट्रैप के मामले बढ़ रहे हैं। इसमें EMI पर बढ़ती खरीदारी का भी हाथ है। बैंक अकाउंट में पैसे नहीं रहने के बावजूद EMI पर खरीदारी का चलन बढ़ रहा है। कई बार क्रेडिट कार्ड पर ज्यादा अमाउंट की खरीदारी भी बाद में मुसीबत बन जाती है। पर्सनल लोन की वजह से भी व्यक्ति के डेट ट्रैप में फंसने की आशंका बढ़ जाती है।
क्रेडिट कार्ड के बकाया पर डिफॉल्ट का रेट बढ़ रहा है। मार्च 2024 में 90 दिनों से ज्यादा के बकाया पर डिफॉल्ट रेट 12.5 फीसदी था। यह मार्च 2025 में बढ़कर 15 फीसदी हो गया। यह जानकारी क्रिफ हाईमार्कट के डेटा पर आधारित है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना ठीक है। लेकिन, बिल चुकाने की अपनी क्षमता से ज्यादा का इस्तेमाल ग्राहक को मुश्किल में डाल सकता है।
व्यक्ति के डेट ट्रैप में फंसने के कुछ संकेत होते हैं। लेकिन, व्यक्ति को इसके बारे में पहले पता नहीं चलता है। उसे इसका पता तब चलता है, जब वह इसमें काफी ज्यादा फंस चुका होता है। मनीकंट्रोल डेट ट्रैप में फंसने के 5 बड़े संकेतों के बारे में बता रहा है।
1. आप सिर्फ मिनिमम ड्यूज चुका रहे
कर्ज के जाल में फंसने का पहला संकेत यह है कि व्यक्ति क्रेडिट कार्ड बिल या लोन का सिर्फ मिनिमम अमाउंट चुकाना शुरू कर देता है। मिनिमम अमाउंट का पेमेंट करने से व्यक्ति पेनाल्टी से तो बच जाता है, लेकिन इससे प्रिंसिपल अमाउंट नहीं घटता है। इस वजह से इंटरेस्ट बढ़ता रहता है। कई बार तो इंटरेस्ट बढ़कर प्रिंसिपल से ज्यादा हो जाता है।
2. पुराने लोन को चुकाने के लिए नया लोन
कर्ज के जाल में फंसा व्यक्ति पुराने लोन को चुकाने के लिए नया लोन लेने को मजबूर हो जाता है। इससे वह कर्ज के जाल में और ज्यादा फंस जाता है। शुरुआत में तो इसका पता नहीं चलता है। लेकिन, EMI का बढ़ा बोझ उसे मुसीबत लगने लगता है। इससे उसकी इनकम और खर्च के बीच बड़ा गैप बन जाता है।
3. प्रिंसिपल बैलेंस में कमी नहीं आना
व्यक्ति के रेगुलेर पेमेंट के बावजूद उसका लोन अमाउंट कम नहीं होता है। यह उसके डेट ट्रैप में फंसने का संकेत है। व्यक्ति जो पेमेंट करता है, उसका ज्यादा हिस्सा इंटरेस्ट पर खर्च हो जाता है। इस वजह से पैसे चुकाने के बावजूद उसका प्रिंसिपल कम नहीं होता है।
4. इनकम का बड़ा हिस्सा EMI पर खर्च
अगर किसी व्यक्ति की इनकम का ज्यादा हिस्सा ईएमआई पर खर्च हो रहा है तो उसे सावधान हो जाने की जरूरत है। इनकम का बड़ा हिस्सा EMI पर खर्च होने का मतलब है कि व्यक्ति के पास सेविंगस और निवेश के लिए पैसे नहीं बचेंगे। इसका सीधा असर उसकी फाइनेंशियल प्लानिंग पर पड़ेगा।
5. सालों तक नौकरी के बाद सेविंग्स का नहीं होना
डेट ट्रैप में फंसे कई लोगों के पास सेविंग्स के रूप में ज्यादा पैसे नहीं होते है। हालांकि, वे कई सालों तक नौकरी कर चुके होते हैं। यह इस बात का संकेत है कि व्यक्ति ज्यादातर, समय डेट ट्रैप में फंसा रहा है। इस वजह से वह पर्याप्त सेविंग्स और निवेश नहीं कर पाया है।