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SMS से जालसाजी पर सरकार ने कसी नकेल, जिम्मेदार संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट में डाला

सरकार ने एसएमएस के जरिये जालसाजी करने वालों पर नकेल कसते हुए पिछले तीन महीनों में 10,000 से अधिक धोखाधड़ी वाले मैसेज भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए एसएमएस हेडर के पीछे की ‘प्रमुख इकाइयों’ को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 27, 2024 पर 8:30 PM
SMS से जालसाजी पर सरकार ने कसी नकेल, जिम्मेदार संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट में डाला
सरकार ने एसएमएस के जरिये जालसाजी करने वालों पर नकेल कसी है।

सरकार ने एसएमएस के जरिये जालसाजी करने वालों पर नकेल कसते हुए पिछले तीन महीनों में 10,000 से अधिक धोखाधड़ी वाले मैसेज भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए एसएमएस हेडर के पीछे की ‘प्रमुख इकाइयों’ को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने गृह मंत्रालय (एमएचए) के सहयोग से ‘संचार साथी’ पहल के जरिये नागरिकों को संभावित एसएमएस धोखाधड़ी से बचाने के लिए यह निर्णायक कार्रवाई की है।

साइबर अपराध

एसएमएस के जरिये ग्राहकों को कमर्शियल मैसेज भेजने वाली व्यावसायिक या कानूनी संस्थाओं को दूरसंचार जगत की भाषा में ‘प्रमुख इकाई’ कहा जाता है। वहीं हेडर का आशय वाणिज्यिक संचार भेजने के लिए ‘प्रमुख इकाई’ को आवंटित एक विशिष्ट शृंखला से है जिसमें अंक एवं अक्षर दोनों होते हैं। गृह मंत्रालय के तहत संचालित ‘भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र’ (आई4सी) ने साइबर अपराध के इरादे से धोखाधड़ी वाले मैसेज भेजने के लिए आठ एसएमएस हेडर के दुरुपयोग के बारे में जानकारी मुहैया कराई।

धोखाधड़ी वाले मैसेज

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