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Health Insurance: अब किसी भी अस्पताल में करा सकेंगे कैशलेस ट्रीटमेंट, आज से बदल गए हैं नियम

Health Insurance Policy: अब पॉलिसीधारक सभी अस्पतालों में कैशलेस ट्रीटमेंट करा सकेंगे। पॉलिसीधारक अब तक मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए ऐसे अस्पतालों की तलाश करते थे जो उनकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी (Health Insurance Policy) के अंतर्गत हैं। हालांकि, अब जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) ने 'कैशलेस एवरीवेयर' पहल के तहत नए नियम जारी किए हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 25, 2024 पर 5:37 PM
Health Insurance: अब किसी भी अस्पताल में करा सकेंगे कैशलेस ट्रीटमेंट, आज से बदल गए हैं नियम
Health Insurance Policy: अब पॉलिसीधारक सभी अस्पतालों में कैशलेस ट्रीटमेंट करा सकेंगे।

Health Insurance Policy: अब पॉलिसीधारक सभी अस्पतालों में कैशलेस ट्रीटमेंट करा सकेंगे। पॉलिसीधारक अब तक मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए ऐसे अस्पतालों की तलाश करते थे जो उनकी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी (Health Insurance Policy) के अंतर्गत हैं। हालांकि, अब जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) ने 'कैशलेस एवरीवेयर' पहल के तहत नए नियम जारी किए हैं। जहां पॉलिसीधारक अपनी पसंद के किसी भी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं। भले ही ऐसा अस्पताल बीमा कंपनी के नेटवर्क में न हो। ये नियम 25 जनवरी 2024 से लागू हो गए हैं।

स्वास्थ्य बीमा के तहत कैशलेस ट्रीटमेंट पर मौजूदा नियम क्या हैं?

स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के तहत अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में पॉलिसीधारकों को कैशलेस सुविधा के साथ इलाज के लिए अपनी जेब से पेमेंट करने की आवश्यकता नहीं होती है, जहां बीमा कंपनियां अस्पताल में इलाज की लागत को कवर करने के लिए प्रतिबद्ध होती हैं, बशर्ते क्लेम स्वीकार किया गया हो।

यह कैशलेस सर्विस फिलहाल केवल उन्हीं अस्पतालों में उपलब्ध है, जहां संबंधित बीमा कंपनी के साथ कोई समझौता या टाई-अप है। यदि पॉलिसीधारक ऐसे किसी समझौते के बिना अस्पताल चुनता है, तो कैशलेस सुविधा की पेशकश नहीं की जाती है। ग्राहक को रीम्बर्समेंट क्लेम के लिए जाना पड़ता है, जिससे क्लेम पाने में देरी होती है। इसमें एक दिक्कत है कि पहले पैसा पूरा चुकाना होता है और बाद में क्लेम मिलता है। इसमें एक बार फाइनेंशियल दिक्कत परिवार को एक बार झेलनी पड़ती है।

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