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EPF या EPS में रिटायरमेंट के बाद कितनी मिलेगी पेंशन? जानिए नया फॉर्मूला और नियम

EPF Vs EPS: EPF रिटायरमेंट पर एकमुश्त रकम देता है, जबकि EPS हर महीने पेंशन की गारंटी देता है। EPS पेंशन की गणना सेवा वर्षों और वेतन के आधार पर होती है, जिसमें न्यूनतम 10 साल की सेवा और 58 साल की उम्र जरूरी है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Jan 24, 2026 पर 11:04 PM
EPF या EPS में रिटायरमेंट के बाद कितनी मिलेगी पेंशन? जानिए नया फॉर्मूला और नियम

रिटायरमेंट हर नौकरीपेशा व्यक्ति के जीवन का अहम पड़ाव होता है। इस समय सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि भविष्य में आर्थिक सुरक्षा कैसे मिलेगी। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इसी चिंता को दूर करने के लिए दो स्तंभ बनाए हैं EPF (Employees’ Provident Fund) और EPS (Employees’ Pension Scheme)। अक्सर लोग इन दोनों को लेकर उलझन में रहते हैं कि उनकी सैलरी से कटने वाली रकम आखिर कहां जाती है और रिटायरमेंट पर उन्हें कितना लाभ मिलेगा।

EPF और EPS में फर्क

EPF को आप अपनी एकमुश्त बचत मान सकते हैं। नौकरी के दौरान कर्मचारी और नियोक्ता दोनों इसमें योगदान करते हैं। रिटायरमेंट के बाद यह रकम कर्मचारी को एक साथ मिलती है। दूसरी ओर EPS वह गारंटीड मासिक आय है जो रिटायरमेंट के बाद मिलती है। यानी EPF आपके हाथ में आने वाली बड़ी रकम है, जबकि EPS आपकी हर महीने की पेंशन।

पेंशन कैलकुलेशन का फॉर्मूला

EPS में पेंशन की गणना एक तय फॉर्मूले से होती है:

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