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बैंकों से किस तरह अलग होता है NBFC का लोन, जानिए चुनते समय किन बातों का रखें ध्यान

Bank Loan vs NBFC Loan: लोन लेने से पहले बैंक और NBFC के बीच का फर्क समझना जरूरी है। ब्याज दर, EMI, अप्रूवल टाइम, प्रोसेसिंग फीस और पात्रता नियम दोनों में अलग होते हैं। सही तुलना करने से आपकी जरूरत और क्षमता के हिसाब से बेहतर विकल्प चुना जा सकता है।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड May 17, 2026 पर 6:41 PM
बैंकों से किस तरह अलग होता है NBFC का लोन, जानिए चुनते समय किन बातों का रखें ध्यान
आमतौर पर बैंक कम ब्याज दर पर लोन देते हैं।

Bank Loan vs NBFC Loan: जब भी लोगों को पैसों की जरूरत पड़ती है, तो ज्यादातर लोग सबसे पहले बैंक का रुख करते हैं। लेकिन आज के समय में सिर्फ बैंक ही नहीं, बल्कि NBFC यानी नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां भी तेजी से लोन दे रही हैं। ये कंपनियां पर्सनल लोन, कार लोन, बिजनेस लोन और कई दूसरी तरह की फाइनेंसिंग सेवाएं देती हैं। ऐसे में लोन लेने से पहले यह समझना जरूरी हो जाता है कि बैंक और NBFC में आखिर फर्क क्या है और आपके लिए कौन सा विकल्प ज्यादा सही रहेगा।

बैंक और NBFC कैसे काम करते हैं

बैंक एक रेगुलेटेड वित्तीय संस्था होती है। ये लोगों से पैसा जमा करवाते हैं और उसी पैसे से लोन देते हैं। यानी सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट और करंट अकाउंट में जमा पैसा बैंक की सबसे बड़ी ताकत होता है। इसी वजह से बैंकों पर नियम भी काफी सख्त होते हैं और उनकी निगरानी लगातार की जाती है।

वहीं NBFC भी लोन देने का काम करती हैं, लेकिन ये बैंकों की तरह लोगों से सेविंग या करंट अकाउंट में पैसा जमा नहीं ले सकतीं। यानी इनके पास डिमांड डिपॉजिट लेने का अधिकार नहीं होता। इसी कारण NBFC पर बैंकों जैसी सख्त पाबंदियां नहीं होतीं।

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