आज के वक्त में बैंकिंग हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। बैंकिंग के इतने तरीके और सुविधाएं आ गई हैं कि बैंकिंग कोई पहुंच के बाहर की चीज नहीं रह गई है। लेकिन एक से ज्यादा अकाउंट रखना कभी-कभी बेवजह का सिरदर्द बन सकता है।
अकसर जॉब बदलने या कुछ दूसरी वजहों से हमारे पास कई बैंकों के अकाउंट हो जाते हैं। हालांकि, इसमें कोई समस्या तो नहीं है लेकिन अकसर एक या दो से ज्यादा अकाउंट मैनेज करना मुश्किल होता है। वहीं, अगर आप किसी दूसरे बैंक के साथ जाना चाहते हैं, तो भी आपको अपना पुराना बैंक अकाउंट बंद करवा लेना चाहिए। ऐसे में अगर आप अपना बैंक अकाउंट क्लोज करवाने का सोच रहे हैं, तो कुछ बातें हैं जो आपको पता होनी चाहिए। वहीं आपको कुछ गलतियों से भी बचना चाहिए।
बैंक अकाउंट बंद करवाने से पहले जान लें ये बातें
- अपना नया अकाउंट खुलवाने से पहले पुराना अकाउंट बंद न कराएं। इससे आप कोई डिपॉजिट या पेमेंट मिस नहीं करेंगे।
- अकाउंट बंद करवाने से पहले अपने अकाउंट की डी-लिंकिंग कराना न भूलें। अगर आप अपना अकाउंट निवेश, लोन, ट्रेडिंग, क्रेडिट कार्ड पेमेंट, डिपॉजिट वगैरह के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं तो इन्हें डी-लिंक करा लें। आपको अकाउंट के क्लोजर के वक्त ही डी-लिंकिंग के लिए फॉर्म भरना होगा।
- किसी भी तरह के डिपॉजिट या पेमेंट के लिए जरूरी जगहों पर अपने दूसरे बैंक अकाउंट की डिटेल्स प्रोवाइड करा दें।
- बंद कराए जा रहे बैंक अकाउंट के चेकबुक पर कोई चेक साइन नहीं करें। अगर इस पर कोई चेक है तो उसे कैश करा लें।
- अकाउंट में पैसे हैं, तो उसे दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर लें या निकाल लें।
- क्लोजिंग प्रोसेस शुरू करने से पहले ये सुनिश्चित कर लें कि सबकुछ आपके नए अकाउंट में सेटल हो गया है। अपने स्टेटमेंट वगैरह चेक कर लें।
- ये सारी चीजें सुनिश्चित करने के बाद अपने बैंक को अपना अकाउंट क्लोज करने को कहें। पता कर लें कि इसमें कितना टाइम और फीस लगेगी।
- अकाउंट क्लोजिंग के लिए आपको कुछ स्थितियों में फीस देनी पड़ सकती है। अगर आप अकाउंट खुलने के 14 दिनों के अंदर बंद करवा रहे हैं तो आपको कोई फीस नहीं देनी होगी। लेकिन अगर अकाउंट खुलने के 14 दिनों के बाद और एक साल के अंदर बंद करवा रहे हैं तो आपको क्लोजिंग फीस देनी होगी। खुलने के एक साल बाद अकाउंट बंद करवाने पर कोई चार्ज नहीं देना होगा।
क्लोजिंग प्रोसेस और जरूरी बातें
- आप अकाउंट ऑनलाइन बंद नहीं करवा सकते। इसके लिए आपको बैंक जाना पड़ेगा। वहीं, अगर आपके पास जॉइंट अकाउंट है तो दोनों अकाउंटहोल्डर्स को बैंक जाना होगा। हालांकि, कुछ बैंकों में दूसरा अकाउंट होल्डर्स नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट साइन कर सकता है।
- अकाउंट क्लोज करने के लिए बैंक क्लोजर फॉर्म देते हैं। ये फॉर्म आप बैंक की वेबसाइट से भी डाउनलोड कर सकते हैं।
- इस फॉर्म में आपको अकाउंट बंद करने का कारण बताना होगा। फॉर्म पर सभी अकाउंट होल्डर्स को हस्ताक्षर करना होगा। आपको अपने दूसरे बैंक अकाउंट की डिटेल्स, जिसमें बैलेंस फंड्स ट्रांसफर होना है, की जानकारी भी देनी होगी।
- अकाउंट से जुड़े डेबिट कार्ड और चेकबुक वगैरह आपको बैंक को लौटाने होंगे।
- स्टेटमेंट में क्लोजिंग मेंटेन करा लें।
- क्लोजिंग प्रोसेस पूरी होने के बाद बैंक आपको अक्नॉलेजमेंट देगा। अमूमन प्रोसेस पूरा होने के 10 बिजनेस डेज के भीतर अकाउंट बंद हो जाता है, जिसकी जानकारी बैंक आपको रजिस्टर्ड नंबर और ईमेल एड्रेस पर दे देगा।
