नौकरी बदलने पर PF बैलेंस ट्रांसफर करना क्यों जरूरी है? यहां जानें पीएफ कैसे कर सकते हैं ऑनलाइन ट्रांसफर

EPFO PF Fund Transfer: नौकरी बदलने के बाद एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड (EPF) बैलेंस को पुरानी कंपनी से नई कंपनी में ट्रांसफर करना एक सबसे जरूरी काम है। यदि आप लंबे समय तक PF बैलेंस ट्रांसफर नहीं करते हैं, तो आपका EPF अकाउंट डोरमेट हो जाता है। यानी, एक्टिव नहीं रहता और कुछ साल बाद उस पर ब्याज मिलना भी बंद हो जाता है

अपडेटेड Dec 11, 2024 पर 8:00 PM
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EPFO PF Fund Transfer: नौकरी बदलने के बाद एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड (EPF) बैलेंस को पुरानी कंपनी से नई कंपनी में ट्रांसफर करना एक सबसे जरूरी काम है।

EPFO PF Fund Transfer: नौकरी बदलने के बाद एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड (EPF) बैलेंस को पुरानी कंपनी से नई कंपनी में ट्रांसफर करना एक सबसे जरूरी काम है। यदि आप लंबे समय तक PF बैलेंस ट्रांसफर नहीं करते हैं, तो आपका EPF अकाउंट डोरमेट हो जाता है। यानी, एक्टिव नहीं रहता और कुछ साल बाद उस पर ब्याज मिलना भी बंद हो जाता है। इन सभी परेशानियों से बचने और पीएफ पर इंटरेस्ट कमाने के लिए जरूरी है कि नौकरी बदलने के साथ जल्द से जल्द अपना EPF बैलेंस ट्रांसफर कर दें।

क्या EPF अकाउंट में बिना 'डेट ऑफ एग्जिट' अपडेट किए PF ट्रांसफर हो सकता है?

एम्प्लॉयी प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन यानी EPFO के अनुसार EPF बैलेंस ट्रांसफर करने के लिए पुराने नियोक्ता यानी कंपनी के साथ नौकरी छोड़ने की तारीख यानी 'डेट ऑफ एग्जिट' का अपडेट होना अनिवार्य है। बिना इसके पीएफ ट्रांसफर नहीं किया जा सकता।


EPFO के नियम

ऑनलाइन ट्रांसफर के लिए अपने अकाउंट पर डेट ऑफ एग्जिट का अपडेट होना बहुत जरूरी है। ये नौकरी छोड़ने के दो महीने बाद ही अपडेट किया जा सकता है। यह तारीख उसी महीने की हो सकती है जब पुरानी कंपनी ने आखिरी योगदान दिया होगा। ये डेट ऑफ एग्जिट आपकी पिछली कंपनी या नियोक्ता ईपीएफओ की साइट पर अपडेट करती है। यह प्रोसेस तभी है जब आपका यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) आपके आधार और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के साथ वैरिफाई किया गया हो।

EPFO की साइट पर कर्मचारी स्वयं कर सकते है Date of Exit अपडेट

यहां ये अच्छी बात है कि अगर आपका पुराना नियोक्ता या कंपनी 'डेट ऑफ एग्जिट' अपडेट नहीं करता, तो कर्मचारी इसे खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपडेट कर सकते हैं।

EPF के लिए 'डेट ऑफ एग्जिट' कैसे करें अपडेट?

स्टेप 1: EPFO यूनिफाइड पोर्टल पर जाएं और UAN और पासवर्ड से लॉग इन करें।

स्टेप 2: Manage टैब पर क्लिक करें और Mark Exit के ऑप्शन को चुनें।

स्टेप 3: ड्रॉपडाउन से पुराने PF अकाउंट नंबर को चुनें।

स्टेप 4: एग्जिट की तारीख और वजह डालें। आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर भेजे गए OTP को डालें और रिक्वेस्ट सबमिट कर दें। यहां ये बात जान लें कि एक बार 'डेट ऑफ एग्जिट' अपडेट हो जाने के बाद इसे बदला नहीं जा सकता।

EPF ट्रांसफर हुआ या नहीं, कैसे करें चेक?

EPFO के मुताबिक आप अपने PF बैलेंस को पासबुक में देखकर चेक कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले EPFO के पोर्टल पर जाएं।

EPFO पोर्टल पर लॉग इन करें।

View मेन्यू में जाएं और Passbook ऑप्शन को चुनें।

अपने UAN और पासवर्ड से लॉग इन करें।

सभी MIDs (Member ID) की पासबुक देखें।

यदि बैलेंस ट्रांसफर हो गया है, तो इसे नई कंपनी के PF अकाउंट में क्रेडिट एंट्री के रूप में दिखाया जाएगा। अगर बैलेंस ट्रांसफर नहीं हुआ है, तो पुरानी कंपनी के PF अकाउंट में बैलेंस दिखेगा। ऐसमें में ऑनलाइन ट्रांसफर क्लेम फाइल करें।

EPF बैलेंस ट्रांसफर क्यों जरूरी है?

आपका बैलेंस सभी कंपनियों के योगदान के साथ एक जगह आकर जुड़ जाएघा। इससे आपका पीएफ का बेस अमाउंट बढ़ जाएगा। ब्याज लेने में कोई भी परेशानी नहीं आएगी। साथ ही बेस अमाउंट बढ़ने से पीएफ पर मिलने वाला इंटरेस्ट बढ़ जाएगा। भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी नहीं आएगी।

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