आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने हेलो कैशबैक क्रेडिट कार्ड पेश किया है। यह एक फिक्स्ड डिपॉजिट लिंक्ड कार्ड है, जो उन लोगों के लिए पेश किया गया है, जो अपनी क्रेडिट हिस्ट्री बनाना चाहते हैं। यह कार्ड एक फिक्स्ड डिपॉजिट से लिंक्ड होगा। इसकी क्रेडिट लिमिट एफडी की वैल्यू के बराबर होगी। इस कार्ड से होने वाले पेमेंट पर बैंक कैशबैक ऑफर करेगा।
ट्रांजेक्शंस पर मिलेगा कैशबैक
हेलो कैशबैक क्रेडिट कार्ड पर यूजर्स को प्रत्येक स्टेटमेंट साइकिल में 10,000 रुपये के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर 3 फीसदी कैशबैक मिलेगा। 10,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर 5 फीसदी कैशबैक मिलेगा। स्टोर में कॉन्टैक्टलेस और यूपीआई पेमेंट्स पर 1 फीसदी कैशबैक मिलेगा। यह कैशबैक यूटिलिटीज, एजुकेशन और इंश्योरेंस प्रीमियम के पेमेंट पर भी मिलेगा।
मिनिमम 10,000 की एफडी जरूरी
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के ऐप के जरिए अगर यूजर ट्रैवल बुकिंग करता है तो उसके कैशबैक में अतिरिक्त 1 फीसदी बोनस शामिल होगा। इसके लिए एक महीने में 1,500 रुपये की लिमिट तय होगी। इस क्रेडिट कार्ड को बनवाने के लिए मिनिमम 10,000 रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट जरूरी है।
ज्वाइनिंग फीस और एनुअल चार्ज
इस कार्ड के लिए 1,000 रुपये की ज्वाइनिंग फीस तय है। साथ ही सालाना 1,000 रुपये की फीस भी चुकानी होगी। हालांकि, 31 मार्च, 2026 तक इस क्रेडिट कार्ड को बनवाने पर बैंक यूजर्स से कोई ज्वाइनिंग फीस नहीं लेगा। यूजर्स के पिछले साल के ट्रांजेक्शन के आधार पर बैंक एनुअल फीस भी माफ कर सकता है। सालाना 2 लाख रुपये तक खर्च पर एनुअल चार्ज पूरी तरह माफ होगी। 1 से लाख रुपये तक के खर्च पर कुछ फीस माफ होगी।
एटीएम से निकल सकेंगे पैसे
हेलो कैशबैक क्रेडिट कार्ड यूजर्स को एटीएम के जरिए लिंक्ड एफडी से पैसे निकालने की इजाजत देता है। मामूली फीस चुकाकर 45 दिन तक इंटरेस्ट फ्री पीरियड का लाभ उठाया जा सकता है। यूजर्स जरूरत पड़ने पर एफडी अमाउंट बढ़ाकर कार्ड कि लिमिट बढ़ा सकता है। इसके साथ ही कार्ड पर इंश्योरेंस कवरेज, पर्चेज प्रोटेक्शन, लॉस्ट कार्ड लायबिलिटी, रोडसाइड असिस्टेंस और 1 फीसदी फ्यूल सरचार्ज से छूट जैसी सुविधा भी मिलेगी।
क्रेडिट हिस्ट्री बनाने में मिलेगी मदद
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हेड (क्रेडिट कार्ड, फास्टैग एंड लॉयलिटी) शिरिष भंडारी ने कहा कि यह कार्ड उन कस्टमर्स को ध्यान में रख लॉन्च किया गया है, जो क्रेडिट सिस्टम में एंट्री चाहते हैं। इसमें खासकर ऐसे लोग शामिल हैं, जो पेमेंट के लिए डिजिटल और यूपीआई का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।