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जिस हिंदू औरत के पति और बच्चे नहीं रहते जीवित उनकी संपत्ति का असली हकदार कौन होता है?

अगर वसीयत बनाए बगैर किसी महिला की मौत हो जाती है तो मामला पेचीदा हो जाता है। उसके पति और बच्चों के जीवित नहीं होने पर तो मामला और भी फंस जाता है। ऐसी स्थिति में हिंदू महिला की संपत्ति पर किसका हक होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि संपत्ति का स्रोत क्या है

Your Money Deskअपडेटेड May 23, 2026 पर 2:43 PM
जिस हिंदू औरत के पति और बच्चे नहीं रहते जीवित उनकी संपत्ति का असली हकदार कौन होता है?
अगर प्रॉपर्टी महिला ने खरीदी थी तो फिर ऐसे मामलों में हिंदू सक्सेशन एक्ट का सेक्शन 15(1) लागू होता है।

अब महिलाएं हर तरह के पेशे में आ रही हैं। डॉक्टर, वकील, इंजीनियर्स, पायलट सहित कोई पेशा ऐसा नहीं है, जिसमें महिलाओं की संख्या नहीं बढ़ी हैं। ऐसी महिला नौकरी या सेल्फ-एंप्लॉयमेंट के दौरान सेविंग्स और निवेश करती है। सवाल है कि किसी हिंदू महिला के पति और बच्चों के जीवित नहीं होने पर उसकी संपत्ति का असली हकदार कौन होगा?

महिला के पति बच्चों के जीवित नहीं रहने पर मामला फंस जाता है

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर वसीयत बनाए बगैर किसी महिला की मौत हो जाती है तो मामला पेचीदा हो जाता है। उसके पति और बच्चों के जीवित नहीं होने पर तो मामला और भी फंस जाता है। ऐसी स्थिति में हिंदू महिला की संपत्ति पर किसका हक होगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि संपत्ति का स्रोत क्या है। इसका मतलब है कि संपत्ति महिला ने खरीदी है या उसे विरासत में मिली है।

ऐसे मामले में सबसे अहम यह होता है कि संपत्ति का असल स्रोत क्या है

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