DA Hike: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए शनिवार, 18 अप्रैल का दिन खुशियां लेकर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से करीब 50.46 लाख सरकारी कर्मचारियों और 68.27 लाख पेंशनभोगियों को सीधा फायदा होगा। इस बढ़ोतरी के साथ ही अब कुल महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हो गया है।
सरकार का कहना है कि DA में 2% की यह बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय फॉर्मूले के अनुसार है। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती कीमतों और महंगाई के असर को कम करना है ताकि सरकारी कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि DA और DR में यह बढ़ोतरी 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। कर्मचारियों को जनवरी से अप्रैल 2026 तक का एरियर भी मिलेगा। बढ़ा हुआ भत्ता अगले 2-3 महीनों की सैलरी के साथ मिलना शुरू हो सकता है। इस फैसले से सरकारी खजाने पर सालाना 6,791.24 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
50,000 की बेसिक सैलरी पर कितना फायदा?
DA की गणना बेसिक पे के प्रतिशत के रूप में की जाती है। अगर आपकी बेसिक सैलरी ₹50,000 है, तो महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी आपकी जेब पर सीधा असर डालेगी। अभी तक 58% की दर से आपको बतौर DA ₹29,000 मिल रहे थे, जो अब 60% होने के बाद बढ़कर ₹30,000 हो जाएंगे। इसका सीधा मतलब है कि आपकी मंथली सैलरी में ₹1,000 का इजाफा होगा और सालाना आधार पर आपको कुल ₹12,000 का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
कैसे तय होती है DA की दर?
महंगाई भत्ते का निर्धारण श्रम मंत्रालय द्वारा जारी अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक(AICPI-IW) के आधार पर किया जाता है। आमतौर पर सरकार हर 6 महीने में DA को रिवाइज करती है। जुलाई 2025 में भत्ते को 54% से बढ़ाकर 58% किया गया था।
8वें वेतन आयोग को लेकर बढ़ी हलचल
DA की घोषणा के बीच 'ऑल इंडिया NPS एंप्लॉयीज फेडरेशन' के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल और अन्य कर्मचारी संगठनों ने भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं:
DA का मर्जर: 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर, जमा हुआ पूरा DA बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाएगा और DA फिर से शून्य से शुरू होगा।
नया फॉर्मूला: 'नेशनल काउंसिल ऑफ JCM' ने सुझाव दिया है कि DA की गणना के लिए 12 महीने के औसत के बजाय 6 महीने के औसत का उपयोग किया जाए।
बेसिक पे में विलय: कमेटी ने यह भी सुझाव दिया है कि अगर DA/DR 25% से अधिक हो जाता है, तो उसे बेसिक पेंशन और पे में मर्ज कर दिया जाना चाहिए।