वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के यूनियन बजट से टैक्सपेयर्स को काफी उम्मीदें हैं। वह 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। पिछले बजट में उन्होंने टैक्सपेयर्स के लिए कई बड़े ऐलान किए थे। ये ऐलान इनकम टैक्स की नई रीजीम के लिए थे। इनकम टैक्स की नई रीजीम का ऐलान उन्होंने यूनियन बजट 2020 में किया था। तब से वह इसे अट्रैक्टिव बनाने के लिए लगातार कोशिश कर रही हैं।
12 लाख तक की इनकम टैक्स-फ्री
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2025 को पेश यूनियन बजट में टैक्सपेयर्स को बड़ा तोहफा दिया था। उन्होंने सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री करने का ऐलान किया था। इससे नौकरी करने वाले लोगों को सालाना 12.75 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं रह गई है। इसकी वजह 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन है। ध्यान में रखने वाली बात यह है कि 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री करने का यह ऐलान सिर्फ इनकम टैक्स की नई रीजीम के लिए था।
पिछले यूनियन बजट में वित्तमंत्री ने बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाने का ऐलान किया था। इनकम टैक्स की नई रीजीम में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी गई। इसका मतलब है कि नई रीजीम में सालाना 4 लाख रुपये तक की इनकम वाले लोगों को टैक्स देने की जरूरत नहीं है।
इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव
सरकार ने यूनियन बजट 2025 में टैक्स स्लैब में बदलाव का ऐलान किया था। यह नई रीजीम के लिए था। अब नई रीजीम में 4 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स जीरो है। 4 से 8 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स 5 फीसदी है। 8 से 12 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स 10 फीसदी है। 12 से 16 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स 15 फीसदी है। 16 से 20 लाख रुपये तक की इनकम पर 20 फीसदी, 20 से 24 लाख रुपये की इनकम पर 25 फीसदी और 24 लाख से ज्यादा इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगता है।
अपडेटेड रिटर्न फाइलिंग 4 साल तक
पिछले साल बजट में वित्तमंत्री ने अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न के बारे में बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि टैक्सपेयर्स चार साल तक अपडेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं। पहले दो साल तक ही अपडेटेड रिटर्न फाइल किया जा सकता था।
रेंट के लिए टीडीएस की लिमिट बढ़ी
वित्तमंत्री ने किराए के घर में रहने वाले लोगों और मकान मालिकों को बड़ी राहत दी थी। पहले टीडीएस के लिए रेंट की लिमिट 2.4 लाख रुपये थी। उन्होंने इसे बढ़ाकर 6 लाख रुपये कर दिया था। इससे किराएदार और मकानमालिक दोनों के लिए कंप्लायंस कम हो गया था।
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बार यूनियन बजट में टैक्सपेयर्स को पिछले साल जैसी राहत मिलने वाली नहीं है। वित्तमंत्री इनकम टैक्स के नए एक्ट के बारे में कुछ ऐलान कर सकती हैं। इनकम टैक्स एक्ट, 2025 इस साल 1 अप्रैल से लागू होने जा रहा है। इसका फोकस टैक्स के नियमों को आसान खासकर उनकी लैंग्वेज आसान बनाने पर है। सरकार ने साफ किया है कि इसमें टैक्स के नियमों में बुनियादी बदलाव नहीं किए गए है। कई पुराने नियमों को खत्म किया गया है।