घर बेचने से हुए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर एग्जेम्प्शन क्लेम किया जा सकता है। इसके लिए एलटीसीजी का इस्तेमाल तय समय के अंदर आपको दूसरा घर खरीदने के लिए करना पड़ेगा। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 54 के तहत यह एग्जेम्प्शन मिलता है। सवाल है कि क्या एक घर बेचने से हुए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस का इस्तेमाल दो घर खरीदने के लिए किया जा सकता है और इस पर एग्जेम्प्शन क्लेम किया जा सकता है?
क्या एलटीसीजी का इस्तेमाल दो घर खरीदने के लिए किया जा सकता है?
गुड़गांव के सुबोध मिश्रा ने ऐसा एक सवाल पूछा है। वह एक घर बेचकर उससे मिले पैसे का इस्तेमाल एक-दूसरे से सटे दो फ्लैट्स खरीदने के लिए करना चाहते हैं। वह एक घर बेटे और दूसरा बेटी के लिए खरीदना चाहते हैं। उनका सवाल है कि उन्हें यह काम किस तरह करना चाहिए ताकि उनके बेटे और बेटी को इस प्रॉपर्टी पर किसी तरह का टैक्स नहीं चुकाना पड़े? मनीकंट्रोल ने यह सवाल मशहूर टैक्स एक्सपर्ट और सीए बलवंत जैन से पूछा।
क्या घर बेचने से मिले पूरे पैसे का इस्तेमाल दूसरा घर खरीदने के लिए करना होगा?
जैन ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 54 के तहत एग्जेम्प्शन क्लेम करने के लिए आपको घर बेचने से हुए सिर्फ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस का इस्तेमाल दूसरा घर खरीदने के लिए करना पड़ता है न कि घर बेचने से मिले पूरे पैसे का। इस वजह से आप जितना सोच रहे थे, उससे काफी कम पैसे का इस्तेमाल आपको दूसरा घर खरीदने के लिए करना होगा।
इनकम टैक्स ट्राइब्यूनल्स ने इस बारे में क्या फैसले दिए हैं?
उन्होंने कहा कि घर बेचने से हुए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर एग्जेम्प्शन क्लेम करने के लिए आपको इसका इस्तेमाल सिर्फ एक घर खरीदने के लिए करना होगा। हालांकि, कई इनकम टैक्स ट्राइब्यूनल्स के फैसलों के मुताबिक, अगर एक ही बिल्डिंग में एक-दूसरे से सटे हुए दो फ्लैट्स हैं तो उसे सिंगल रेजिडेंशियल यूनिट माना जाएगा। इस तरह से सेक्शन 54 के तहत एक से ज्यादा फ्लैट खरीद कर एग्जेम्प्शन क्लेम किया जा सकता है।
बेटा और बेटी के नाम से दो फ्लैट किस तरह से खरीदना होगा?
जैन ने कहा कि सुबोध मिश्रा अपने बेटे या बेटी के नाम से ज्वाइंट नाम में नई प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। शर्त यह है कि यह पैसा उन्हें इनवेस्ट करना होगा। अगर उनके बेटे या बेटी इस प्रॉपर्टी को खरीदने के कोई पैसा इनवेस्ट नहीं करते हैं तो भी एग्रीमेंट में उन्हें ज्वाइंट ओनर बनाया जा सकता है। सुबोध मिश्रा के निधन के बाद यह प्रॉपर्टी उनके बेटे या बेटी के नाम से आसानी से हो जाए, इसके लिए उन्हें वसीयत के जरिए इसे अपने बेटे और बेटी के नाम से करना होगा। इस तरह से पिता से मिली इस प्रॉपर्टी पर उनके बेटे और बेटी को कोई टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा।
सेक्शन 54 क्या लाइफ टाइम में एक बार एलटीसीजी से दो घर खरीदने की इजाजत देता है?
उन्होंने कहा कि सेक्शन 54 के तहत एक बार यह मौका मिलता है कि आप अपने एक घर को बेचकर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस का इस्तेमाल दो घर खरीदने के लिए कर सकते हैं। शर्त यह है कि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस 2 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होना चाहिए। अगर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस 2 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं है तो उसका इस्तेमाल दो घर खरीदने के लिए किया जा सकता है और एग्जेम्प्शन क्लेम किया जा सकता है।