सरकार ने यूनियन बजट 2025 में सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री कर दी थी। हालांकि, यह सिर्फ इनकम टैक्स की नई रीजीम के लिए है। सवाल है कि अगर किसी टैक्सपेयर की सालाना इनकम 12 लाख रुपये से थोड़ी ज्यादा है तो क्या उसकी इनकम टैक्स-फ्री होगी? गाजियाबाद के रहने वाले वैभव जैन ने यह सवाल पूछा है।
13.10 लाख की इनकम है तो क्या रिबेट मिलेगा?
जैन ने बताया है कि नौकरी से उनकी सालाना इनकम 13.10 लाख रुपये है। वह नई टैक्स रीजीम का इस्तेमाल करना चाहते हैं। क्या उन्हें नई रीजीम के तहत 12 लाख रुपये तक टैक्स-फ्री इनकम के नियम का फायदा मिलेगा? मनीकंट्रोल ने यह सवाल मशहूर टैक्स एक्सपर्ट और सीए बलवंत जैन से पूछा।
नई रीजीम में 12 लाख तक की इनकम टैक्स-फ्री
जैन ने कहा कि इनकम टैक्स की नई रीजीम का इस्तेमाल कोई इंडिविजु्अल, एचयूएफ या एसोसिएशन ऑफ पर्सन कर सकता है। लेकिन, इसमें डिडक्शन और एग्जेम्प्शन नहीं मिलते हैं। सेक्शन 87ए के तहत नई रीजीम का इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर को टैक्स में 60,000 रुपये तक का रिबेट मिलता है। यह रिबेट नॉर्मल इनकम पर मिलता है और सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम पर मिलता है।
नौकरी करने वाले लोगों को 75000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन
उन्होंने कहा कि नौकरी करने वाले व्यक्ति को नई रीजीम में 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन भी मिलता है। साथ ही मार्जिनल रिलीफ नई रीजीम को और अट्रैक्टिव बनाती है। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिल जाती है, जिनकी सालाना इनकम 12 लाख रुपये से थोड़ी ज्यादा है। मार्जिन रिलीफ का मतलब यह है कि चुकाया जाने वाला फाइनल टैक्स उस अमाउंट से ज्यादा नहीं होना चाहिए जो 12 लाख रुपये से ज्यादा है। यह मार्जिनल रिलीफ पुरानी रीजीम में नहीं मिलता है।
मार्जिनल रिलीफ का फायदा पुरानी रीजीम में नहीं
उन्होंने कहा कि पुरानी रीजीम में टैक्सपेयर की कुल इनकम सालाना 5 लाख रुपये पार करते ही उसे पूरा टैक्स चुकाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि वैभव जैन की सालाना इनकम 13.10 लाख रुपये है। 75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाने के बाद यह 12.35 लाख रुपये रह जाती है। यह 12 लाख की लिमिट से ज्यादा है, जिससे सेक्शन 87ए के तहत उन्हें रिबेट नहीं मिलेगा।