इनकम टैक्स के पोर्टल पर टैक्स की पुरानी डिमांड्स दिख रही हैं। इनमें 2009-11 और यहां तक कि 2005 तक की डिमांड्स शामिल हैं। इससे टैक्सपेयर्स उलझन में पड़ गए हैं। उन्हें इन डिमांड्स की वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं है। कुछ टैक्सपेयर्स तो इन डिमांड्स की वैलिडिटी पर सवाल उठा रहे हैं।
