ITR Refund: अभी तक नहीं मिला इनकम टैक्स रिफंड? तो यहां करें शिकायत
ITR Refund Delay: आयकर रिटर्न (ITR) भरने के बाद ज्यादातर टैक्सपेयर्स की असली राहत तब मिलती है, जब रिफंड का पैसा बैंक अकाउंट में आ जाता है। लेकिन साल 2025 में कई लोगों को इस राहत के लिए इंतजार करना पड़ रहा है
ITR Refund Delay: आयकर रिटर्न (ITR) भरने के बाद ज्यादातर टैक्सपेयर्स की असली राहत तब मिलती है, जब रिफंड का पैसा बैंक अकाउंट में आ जाता है।
ITR Refund Delay: आयकर रिटर्न (ITR) भरने के बाद ज्यादातर टैक्सपेयर्स की असली राहत तब मिलती है, जब रिफंड का पैसा बैंक अकाउंट में आ जाता है। लेकिन कई लोगों को इस राहत के लिए बड़ा इंतजार करना पड़ रहा है। बहुत से टैक्सपेयर्स का रिटर्न प्रोसेस्ड दिखा रहा है, लेकिन बैंक अकाउंट अभी भी खाली है। उनको रिफंड नहीं मिला है। इसकी बड़ी वजह सिस्टम में पकड़े गए डिडक्शन में गड़बड़ी, इनकम मिसमैच या टैक्स नोटिस हैं। अगर आप भी ITR रिफंड में देरी से परेशान हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। यहां जानें आप कहां शिकायत कर सकते हैं।
सबसे पहले रिफंड का स्टेटस चेक करें
कोई भी कदम उठाने से पहले यह जानना जरूरी है कि आपका रिफंड कहां अटका है।
इसके लिए इनकम टैक्स की वेबसाइट incometax.gov.in पर लॉग इन करें।
e-File पर जाएं, फिर इनकम टैक्स रिटर्न में जाकर View Filed Returns चुनें।
अब संबंधित असेसमेंट ईयर (जैसे AY 2025-26) का स्टेटस देखें।
अगर स्टेटस है Processed with रिफंड Due, तो मतलब रिफंड मंजूर हो चुका है, लेकिन पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ है। अगर लिखा है रिफंड Failed तो बैंक से जुड़ी कोई दिक्कत आई है। अगर रिफंड Paid दिख रहा है, लेकिन पैसा नहीं मिला, तो इसका मतलब है कि ट्रांजैक्शन बैंक साइड पर अटका है।
जानिए किसे करना होगा कॉल?
1. CPC बेंगलुरु से संपर्क करें
अगर आपका रिटर्न प्रोसेस होने में ही बहुत समय लग रहा है या इंटिमेशन आया है लेकिन रिफंड नहीं मिला, तो CPC से बात करें।
टोल फ्री नंबर: 1800 103 0025 और 1800 419 0025
डायरेक्ट नंबर: 080-46122000 या 080-61464700
समय: सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक (सोमवार से शुक्रवार)
2. SBI से संपर्क करें (अगर रिफंड Paid लिखा है)
इनकम टैक्स रिफंड का पैसा SBI के जरिए आता है।
अगर पोर्टल पर रिफंड Paid दिख रहा है लेकिन पैसा खाते में नहीं आया, तो SBI से संपर्क करें।
टोल फ्री नंबर: 1800 425 9760
ईमेल: itro@sbi.co.in
आपसे PAN और असेसमेंट ईयर की जानकारी मांगी जा सकती है।
3. असेसिंग ऑफिसर से बात करें
अगर रिफंड स्क्रूटनी, पुराने टैक्स बकाया या सेक्शन 245 के तहत एडजस्ट हो गया है, तो CPC या SBI मदद नहीं कर पाएंगे। ऐसे में आपको अपने जूरिस्डिक्शनल असेसिंग ऑफिसर (AO) से संपर्क करना होगा। पोर्टल पर लॉग इन करके Know Your AO विकल्प से अपने AO की जानकारी निकाल सकते हैं।
ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने का तरीका
फोन पर बात करना कई बार मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सबसे भरोसेमंद तरीका है ऑनलाइन शिकायत (Grievance) दर्ज करना।
इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉग इन करें।
Grievances सेक्शन में जाकर Submit Grievance चुनें।
डिपार्टमेंट में CPC-ITR सेलेक्ट करें।
कैटेगरी में रिफंड not received चुनें।
डिटेल में अपना Acknowledge Number और तारीख लिखें।
इसका फायदा यह है कि विभाग को तय समय में जवाब देना होता है और आप शिकायत को आगे भी बढ़ा सकते हैं। कई बार रिफंड सिर्फ छोटी-छोटी गलतियों की वजह से अटक जाता है। ये दो गलतियां पहले खुद ठीक कर लें
1. बैंक अकाउंट वैलिडेशन
रिफंड सिर्फ उसी बैंक अकाउंट में आता है जो PAN से लिंक और वैलिडेटेड हो। My Profile में जाकर My Bank Accounts चेक करें। देखें कि अकाउंट Validated और Eligible for रिफंड दिखा रहा है या नहीं।
2. पुराना टैक्स बकाया
अगर किसी पुराने साल का टैक्स या पेनल्टी बकाया है, तो नया रिफंड वहीं एडजस्ट हो सकता है। Pending Actions में जाकर Response to Outstanding Demand देखें। यहां आपको बकाया को स्वीकार या अस्वीकार करना जरूरी होता है।