Income Tax: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने टैक्सपेयर्स की सुविधा के लिए डिजिटल फॉर्म 16 लॉन्च कर दिया है। यह कदम हाल ही में आईटीआर फॉर्म 1 से 7 तक के अपडेट के बाद उठाया गया है। डिजिटल फॉर्म 16 से अब टैक्स रिटर्न फाइल करना और आसान हो जाएगा। फॉर्म 16 में सैलरी, टैक्स कटौती (TDS) और अन्य जरूरी जानकारी पहले से ही मौजूद होती है।
फॉर्म 16 या 16A एक सर्टिफिकेट होता है, जो नियोक्ता यानी एम्प्लॉयर तब जारी किया जाता है जब वो कर्मचारियों की सैलरी से टैक्स काटता है। इसमें यह जानकारी होती है कि कितनी रकम पर टैक्स काटा गया और सरकार को जमा किया गया। यह डॉक्यूमेंट हर साल मई के आखिर तक कर्मचारियों को दे दिया जाता है।
डिजिटल फॉर्म 16 कैसे काम करता है?
डिजिटल फॉर्म 16 TRACES पोर्टल से सीधे जनरेट किया जाता है, जिससे इसमें दी गई जानकारी सटीक और एक जैसी होती है। इस नए डिजिटल फॉर्म में टैक्स-फ्री भत्तों (exemptions), कटौतियों और सैलरी की पूरी डिटेल होती है, जिससे टैक्स भरते समय किसी भी गलतफहमी की स्थिति नहीं होती।
अब टैक्सपेयर्स इस डिजिटल डॉक्यूमेंट को सीधे टैक्स फाइलिंग वेबसाइट्स पर अपलोड कर सकते हैं। सिस्टम अपनेआप सभी जरूरी जानकारी भर देता है, जिससे समय बच जाता है और गलतियों की संभावना कम हो जाती है। साथ ही अगर कोई गलती होती है तो सिस्टम अलर्ट देता है ताकि उसे पहले ही ठीक किया जा सके।
कौन सा ITR फॉर्म किसके लिए?
सरल टैक्सपेयर्स के लिए दो आसान फॉर्म हैं — ITR-1 (सहज) और ITR-4 (सुगम)।
ITR-1 (सहज) वे लोग भर सकते हैं जिनकी सालाना आमदनी 50 लाख रुपये तक है। जो सैलरी, एक घर से इनकम, ब्याज और अधिकतम 5,000 रुपये तक की एग्रीकल्चर इनकम से पैसा कमाते हैं।
ITR-4 (सुगम) उन व्यक्तियों, HUFs यानी हिंदू अविभाजित परिवार और फर्मों के लिए है, जिनकी आमदनी 50 लाख रुपये से कम है और वे बिजनेस या प्रोफेशन से कमाई करते हैं।
रिटर्न भरने की आखिरी तारीख
ऐसे व्यक्ति जिन्हें ऑडिट नहीं कराना होता, उनके लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। वहीं, कारोबार और प्रोफेशनल्स जिन्हें ऑडिट की आवश्यकता होती है, उनके लिए यह समय सीमा 31 अक्टूबर है। डिजिटल फॉर्म 16 से टैक्स रिटर्न भरना अब पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और सुरक्षित हो गया है।