भारत में मौजूद कई मल्टीनेशनल कंपनियां (एमएनसी) अपने एंप्लॉयीज को अपने फॉरेन एसेट्स और इनकम को डिसक्लोज करने की सलाह दे रही हैं। इसकी वजह इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से भेजा जा रहा मेल है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) अपने एक खास कैंपेन के तहत इस बारे में टैक्सपेयर्स को बता रहा है। इसका मकसद वॉलेंटरी कंप्लांयस को बढ़ावा देना है।
