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Income Tax: स्टैंडर्ड डिडक्शन के बावजूद 12.75 लाख इनकम पर नहीं मिलती है मार्जिनल रिलीफ, जानिए इसकी वजह

इनकम टैक्स की नई रीजीम में 4 लाख रुपये तक की सालाना इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता है। 4 से 8 लाख रुपये तक की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स लगता है। 8 से 12 लाख रुपये की इनकम पर 10 फीसदी टैक्स लगता है। 12 से 16 लाख रुपये की इनकम पर 15 फीसदी टैक्स लगता है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Apr 03, 2026 पर 4:18 PM
Income Tax: स्टैंडर्ड डिडक्शन के बावजूद 12.75 लाख इनकम पर नहीं मिलती है मार्जिनल रिलीफ, जानिए इसकी वजह
नई रीजीम में सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री है।

कई बार सैलरी में मामूली वृद्धि का आपके टैक्स पर काफी असर पड़ता है। खासकर ऐसा इनकम टैक्स की नई रीजीम में होता है। नई रीजीम में सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री है। इससे ज्यादा इनकम वाले लोग अक्सर अपनी टैक्स लायबिलिटी को लेकर दुविधा में रहते हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

सैलरी थोड़ी ज्यादा होने पर भी पड़ता है फर्क

हम उदाहरण के लिए दो अलग-अलग सैलरी को लेते हैं। पहली सैलरी सालाना 13.4 लाख रुपये है। दूसरी सैलरी सालाना 13.5 लाख रुपये है। दोनों में सिर्फ 10,000 रुपये का अंतर है। लेकिन, टैक्स कैलकुलेशन के तरीके से दोनों के टैक्स में काफी फर्क दिखता है। इनकम टैक्स की नई रीजीम में 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद पहली सैलरी 12.65 लाख रुपये हो जाती है, जबकि दूसरी सलैरी 12.75 लाख रुपये हो जाती है।

इनकम टैक्स की नई रीजीम में स्लैब

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