Indian Railway: लंबी दूरी की ट्रेनों में सफाई को बेहतर बनाने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई व्यवस्था का ऐलान किया है। अब ट्रेनों की सफाई सिर्फ तय स्टेशनों पर नहीं होगी, बल्कि यात्रा के दौरान जरूरत के मुताबिक की जाएगी। इसमें जनरल क्लास के कोच भी शामिल होंगे।
अब यात्रा के दौरान होगी सफाई
अभी तक Clean Train Station योजना के तहत ट्रेनों की सफाई कुछ खास स्टेशनों पर की जाती थी। नई व्यवस्था में प्रशिक्षित प्रोफेशनल टीमें ट्रेन में ही तैनात रहेंगी। ये टीमें हर घंटे या जरूरत पड़ने पर कोच साफ करेंगी। सफाई की फ्रीक्वेंसी पीक और नॉन पीक घंटों के हिसाब से तय की जाएगी।
टेक्नोलॉजी से होगी निगरानी
रेल मंत्री ने बताया कि इस सिस्टम की निगरानी के लिए टेक्नोलॉजी आधारित वॉर रूम बनाए जाएंगे। यहां से रियल टाइम मॉनिटरिंग, फीडबैक और परफॉर्मेंस मैनेजमेंट किया जाएगा। इससे सर्विस प्रोवाइडर्स की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय होगी। इसका मकसद है कि यात्रियों को बेहतर और समय पर सेवा मिले।
किन सेवाओं को किया जाएगा शामिल
रेलवे की नई व्यवस्था के तहत कोच, टॉयलेट और बेसिन की सफाई नियमित रूप से की जाएगी। जैसे कि डस्टबिन, छोटी मोटी मरम्मत, पानी भरने की व्यवस्था का। इसमें सुरक्षा उपकरणों की जांच और रिपोर्टिंग भी इसमें शामिल होगी। यानी सफाई के साथ साथ रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाएगा।
रेलवे के माल ढुलाई कारोबार में भी सुधार
सिर्फ यात्री सुविधाएं ही नहीं, रेलवे के माल ढुलाई कारोबार को मजबूत करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। खाली पड़ी रेलवे जमीन पर कार्गो से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इसमें वेयरहाउस, ग्राइंडिंग यूनिट, प्रोसेसिंग और एग्रीगेशन यूनिट बनाई जाएंगी। कम इस्तेमाल हो रहे गोदामों को Gati Shakti Cargo Terminal में बदला जाएगा।
विवाद निपटान प्रक्रिया होगी आसान
साइडिंग और निजी माल टर्मिनलों को Gati Shakti Cargo Terminal में बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। साथ ही विवाद रोकने का ढांचा तय किया गया है और विवाद निपटान के अधिकार डिविजनल रेलवे मैनेजर को दिए गए हैं। इन दोनों सुधारों का मकसद साफ है, यात्रियों को बेहतर सुविधा देना और माल ढुलाई को ज्यादा कुशल बनाना।
शुरुआत में 80 ट्रेनों को इस सुधार के लिए चुना गया है। इन ट्रेनों में अनुभव और यात्रियों से मिले फीडबैक के आधार पर आगे इसे पूरे नेटवर्क में लागू किया जाएगा।